जिला परिषद कार्यालय में दीपावली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : 2 नवंबर। दीपावली के पावन पर्व की खुशियों को साझा करने एवं आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला परिषद कार्यालय में दीपावली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. किरण की विशेष उपस्थिति रही। समारोह में जिला परिषद के सभी पार्षदों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा एवं सीईओ डॉ. किरण ने सभी कर्मचारियों एवं पार्षदों को दीपावली के उपहार भेंट किए तथा उन्हें और उनके परिवारजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, अपनत्व और पारिवारिक माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, निराशा पर आशा और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें आपसी प्रेम, सद्भाव, सहयोग और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि जिला परिषद केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह है, जिसमें प्रत्येक पार्षद और कर्मचारी की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सभी का योगदान सराहनीय है। किसी भी संस्था की सफलता सामूहिक प्रयास और टीम भावना से ही संभव होती है।
ज्योति शर्मा ने सभी कर्मचारियों एवं पार्षदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और समर्पण से जिला परिषद जनहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कामना की कि दीपावली का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली लेकर आए तथा हर परिवार में प्रेम और उल्लास के दीप प्रज्वलित हों।
वहीं, जिला परिषद सीईओ डॉ. किरण ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें इस पर्व को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मनाना चाहिए। उन्होंने सभी से ग्रीन दीपावली और प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पटाखों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव हमारे स्वास्थ्य, बच्चों, बुजुर्गों और पर्यावरण पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों, रोशनी और आपसी प्रेम का त्योहार है, इसलिए इसे प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर मनाना चाहिए। हमें अधिक से अधिक मिट्टी के दीपक जलाने, स्वच्छता बनाए रखने, अनावश्यक पटाखों से बचने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की आवश्यकता है। एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और मिल-जुलकर समाज एवं क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।

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