जनता की प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित न रखें अधिकारी, पीड़ित को राहत दिलाना सुनिश्चित करें
जनता समाधान शिविर में 15 शिकायतों पर लिया संज्ञान, अधिकारियों को दिए जवाबदेही के साथ कार्रवाई के निर्देश
आमजन की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही से काम करें अधिकारी: पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण
BOL PANIPAT , 2 नवंबर। हरियाणा सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जनता समाधान शिविर के तहत सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने आमजन की शिकायतों की सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 15 शिकायतों पर संज्ञान लिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा में निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और प्रशासनिक व्यवस्था आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनता समाधान शिविर प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। यह मंच केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं से स्थायी राहत दिलाना है। प्रत्येक शिकायत को प्रशासन एक जिम्मेदारी के रूप में ले और उसके समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास करे। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना उचित नहीं है, क्योंकि आम नागरिक अपनी उम्मीदों के साथ प्रशासन के पास पहुंचता है। अधिकारियों को चाहिए कि वे शिकायत की वास्तविक स्थिति का पता लगाएं, संबंधित रिकॉर्ड की जांच करें और आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर भी तथ्यों की पुष्टि करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत का निस्तारण केवल फाइल पर कार्रवाई दर्ज करने से पूरा नहीं होता, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही समाधान की कसौटी है। प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को सर्वोच्च महत्व दिया जाए। जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही या अनावश्यक देरी को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जनता समाधान शिविर में प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय समस्या के मूल कारण को समझना जरूरी है, ताकि भविष्य में भी उस प्रकार की परेशानी दोबारा उत्पन्न न हो। संबंधित विभाग शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित करें और उसे स्पष्ट रूप से बताएं कि उसकी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आमजन के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी तालमेल भी आवश्यक है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी पहल का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने कहा कि आमजन की शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। पुलिस से संबंधित प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ संज्ञान लिया जाता है। शिकायतकर्ता की बात को धैर्यपूर्वक सुनना, उपलब्ध तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना और कानून के अनुरूप कार्रवाई करना पुलिस की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का मजबूत रिश्ता ही बेहतर कानून व्यवस्था की आधारशिला है। नागरिकों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन आमजन की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को न्यायसंगत वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनता समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखने का सीधा अवसर उपलब्ध करवाना तथा विभागीय स्तर पर उनका समाधान सुनिश्चित करना है। इस मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और शिकायतकर्ता मौजूद रहे।

Comments