‘ड्रग्स एब्यूज व ड्रग्स एडिक्शन’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
BOL PANIPAT : आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “यूथ अगेंस्ट ड्रग्स क्लब” द्वारा संयोजक प्रोफेसर अजय पाल सिंह के निर्देशन में ‘ड्रग्स एब्यूज व ड्रग्स एडिक्शन’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस आयोजन का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक, डॉ. सुनीत शर्मा, यूथ अगेंस्ट ड्रग्स क्लब के संयोजक प्रोफेसर अजय पाल सिंह, डॉ. निधान सिंह, डॉ. शर्मिला यादव व प्रोफेसर पवन कुमार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्या, डॉ. शशि प्रभा मलिक ने कहा कि समाज को इस प्रकार के मादक पदार्थों और आपूर्तिकर्ताओं का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपका जीवन अनमोल है, इसे नशे की चपेट में आकर बर्बाद न करें। नशा न केवल आपके भविष्य को अंधकारमय बना सकता है बल्कि आपके परिवार और समाज पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने युवाओं को रचनात्मक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमें स्वयं को नशे से बचाने के साथ-साथ अपने साथियों को भी इस दलदल में गिरने से रोकना चाहिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि आज हमें शपथ लेनी चाहिए कि हम किसी भी प्रकार की ड्रग्स या नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे और यदि कोई व्यक्ति इस लत का शिकार हो चुका है, तो हम उसे इससे बाहर निकालने में हरसंभव सहायता करेंगे।
इस प्रतियोगिता में लगभग 35 विद्यार्थियों ने भाग लिया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में सौरभ (बीसीए प्रथम वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिमांशु (बीसीए प्रथम वर्ष) और पल्लवी (बीए प्रथम वर्ष) को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। सनी (बीबीए द्वितीय वर्ष) और तनु (बीबीए प्रथम वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दक्ष (बीकॉम तृतीय वर्ष) और कृतिका (बीकॉम तृतीय वर्ष) को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
इस अवसर पर यूथ अगेंस्ट ड्रग्स क्लब के संयोजक प्रोफेसर अजय पाल सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशीली दवाओं की लत पीड़ितों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से बर्बाद कर देती है। यह परिवार में कलह का कारण बनती है, समाज में अपराध को बढ़ावा देती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी प्रभावित करती है। ड्रग्स की लत न केवल व्यक्ति के आर्थिक और सामाजिक जीवन को नष्ट कर देती है, बल्कि उसके आत्मसम्मान और मानसिक शांति को भी समाप्त कर देती है। यह न केवल व्यक्तिगत बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक गंभीर समस्या है, जिससे युवा अपनी क्षमता का सही उपयोग नहीं कर पाते। जब कोई विद्यार्थी नशे की चपेट में आ जाता है, तो वह अपने करियर और समाज के विकास में योगदान देने में असमर्थ हो जाता है। इसके कारण उसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, और उसके इलाज में भी अत्यधिक खर्च आता है। इसलिए हमें न केवल स्वयं इससे बचना चाहिए, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए।
इस प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. सुनित शर्मा, डॉ. निधान सिंह व प्रोफेसर पवन कुमार द्वारा निभाई गई। इस आयोजन में रितिका जताना और सोनिया विरमानी का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. शर्मिला, अश्वनी गुप्ता, राजेश वाला, रूहानी शर्मा, डॉ. वसुंधरा मदान, ममता, गणेश, विष्णु और बिमला आदि उपस्थित रहे |

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