सच्चा वैष्णव दुख हो या सुख दोनों परिस्थिति में समान रहता है। सुख में न वो फूलता है और दुख में वो न डूबता है:-देवी चित्रलेखा जी
BOL PANIPAT : कथा के सप्तम दिवस में आज पूज्या देवी चित्रलेखाजी ने कथा आरंभ करते हुए भगवान् के 16,108 विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान् की 8 मुख्य पटरानी हुए और बताया कि एक भौमासुर नामक दैत्य 1,00,000 कन्याओं के साथ विवाह करने के उद्देश्य से उन्हें बंदी बना कर रख रहा था । तब उन कन्याओं के जीवन की रक्षा के लिए भगवान् ने उस दैत्य का संहार किया और उन कन्याओं को कैद से बचाया मगर जब कन्याओं ने कहा कि इतने वक़्त परिवार से दूर रहने के बाद उन्हें कौन स्वीकार करेगा। तो उन्हें इस लांछन से बचाने के लिए भगवान् ने उन 16,100 कन्याओं से विवाह किया।
इसके बाद श्री परीक्षित जी ने श्री सुखदेव जी से भगवान के भक्त और परम मित्र की कथा सुनाने का आग्रह किया और सुखदेव जी ने उन्हें श्री सुदामा जी महाराज की कथा सुनाई बताया कि सुदामा नाम के एक गरीब ब्राह्मण जिनकी प्रारंभिक शिक्षा भगवान् कृष्ण के साथ एक गुरुकुल में हुई थी। सुदामा जी एक विरक्त ब्राह्मण थे। अपनी हर स्थिति परिस्थिति के लिए भगवान को ख़ुशी ख़ुशी धन्यवाद देने वाले।

आज अपनी परिस्थितियों में अपनी पत्नी के कहने पर भगवान से मिलने गए । और जब घर वापस आये तो भगवान् ने कृपा कर के उनकी झोपड़ी की जगह आलीशान महल बना दिया पर वो आदर्श सुदामा जी उस महल के त्यागकर उसके नजदीक एक कुटिया बना कर रहे और जीवन यापन किया।
इसके पश्चात कथा के मुख्य प्रसंगों को श्रवण करा के कथा सार सुनाया और फिर शाप की अवधि के अनुसार सुखदेव जी ने वहां से प्रस्थान किया परीक्षित जी ने खुद को भगवान में लीन कर लिया और तक्षक नाग ने उन्हें डंसा । इस सब के पश्चात कथा के विश्राम से पहले फूल होली का उत्सव हुआ और महा आरती के साथ सप्तम दिवस की कथा को विश्राम दिया गया ।मंच संचालक हरीश चुघ ने श्री राधा कृष्ण परिवार इस सप्ताह की श्रीमद् भागवत कथा का सफल आयोजन पर सभी मेंबरों को कहा कि वे बधाई के पात्र हैं व सभी ने मिलकर बहुत सुंदर आयोजन किया, और सभी प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ,देवी मंदिर सभा और ,प्रशासन के सभी अधिकारी, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया और सभी को शुभकामनाएं दी.
आज के मुख्य अतिथि सियाराम गुप्ता के पुत्र विकास गुप्ता , मुख्य अतिथि ईश्वर गोयल , रमेश जांगड़ा, श्रीनिवास वत्स, संजय सिंह, अंकित गोrयल, सुभाष कंसल, बबलु राणा, कपिल गोयल, मनोज जैन, सुनील शर्मा, राजेश कुमार, राजेश सैनी, जय कुमार, प्रदीप गुप्ता, रिंकू बंसल, साहिल सावरिया, हरीश चुघ, बाकी और संस्था के पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे , सभी नगर वासियों और बाहर से आए हुए सभी का कथा में आने के लिए दिल की गहराइयों से श्री राधा कृष्ण परिवार की तरफ से बहुत -बहुत धन्यवाद किया गया ।

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