साइबर ठगी मामले में आरोपी गिरफ्तार, खाते में जमा ठगी के बचे 65 हजार रुपए कराए फ्रीज
BOL PANIPAT , 11 सितंबर : थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने महिला के साथ हुई 2 लाख 5 हजार रुपए की साइबर ठगी की वारदात को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए वीरवार शाम आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान गांव सिकंदरपुर शामली यूपी निवासी अनिकेत के रूप में हुई है।

थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में सरोजनी पाल पत्नी कुनेंद्र पाल, निवासी महरेपुर, जिला हरदोई यूपी हाल किरायेदार गांव मच्छरौली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह और उसका पति कपूर फैक्टरी में काम करते थे। उसके पति की फरवरी 2025 में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद ईपीएफ के 3 लाख 40 हजार 533 रुपए उसके खाते में आए थे। इससे पहले उसकी बचत के पैसे भी इसी खाते में जमा थे।
वह जब पैसे निकलवाने के लिए बैंक गई तो उसे पता चला कि 26 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 के बीच उसके खाते से यूपीआई के माध्यम से कुल 2 लाख 5 हजार रुपए निकाले जा चुके हैं। अज्ञात व्यक्ति ने उसका फोन हैक कर उक्त पैसे निकाले हैं। महिला की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच करते हुए साइबर ठगी की वारदात से जुड़े तथ्यों को खंगाला। जांच के दौरान आरोपी अनिकेत पुत्र ईश्वर निवासी सिकंदरपुर शामली यूपी की संलिप्तता सामने आने पर उसे वीरवार शाम को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया वह कपूर फैक्टरी में महिला सरोजनी की शिफ्ट में काम करता था। सरोजनी के पति की मृत्यु के बाद उसके खाते में फंड का पैसा आने की उसे जानकारी थी। उसने सरोजनी को बताए बिना उसके मोबाइल में यूपीआई डाउनलोड कर दिया था। सरोजनी को मोबाइल सही तरीके से चलाना नहीं आता था। वह जब भी मोबाइल के संबंध में उससे कुछ पूछती थी तो वह मौका पाकर अपने भाई, भतीजे और एक अन्य साथी के खातों में यूपीआई के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर देता था। बाद में उन्हें कमीशन देकर पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करवा लेता था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने ज्यादातर पैसे निकालकर खर्च कर दिए। बाद में उसका खाता फ्रीज होने पर उसे पता चला कि सरोजनी ने थाना में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद वह पुलिस के डर से अपने गांव भाग गया था।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि आरोपी के खाते में जमा ठगी के बचे 65 हजार रुपए फ्रीज करवा दिए गए हैं। शुक्रवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया।

Comments