मोटे अनाज के प्रचार के लिए कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई वैन को हरी झंडी दिखाई।
BOL PANIPAT , 8 दिसंबर। अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय से मोटे अनाज के प्रचार के लिए कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई वैन को हरी झंडी दिखाई।(ADC Flagged off the van prepared by the Agriculture Department for the promotion of coarse grains.) इस मौके पर उनके साथ नगराधीश राजेश सोनी व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक आदित्य डबास भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि पोषक अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं और आंतों की समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं। ये अधिक गैस, सूजन, कब्ज और ऐंठन जैसी समस्याओं को दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश पोषक अनाज स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन मुक्त होते हैं। इन्हें एक पूरे बीज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। खिचड़ी में चावल की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं, या बेकिंग के लिए पोषक अनाजों का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पोषक अनाजों में गेहूं व मक्का की तुलना में अधिक पोषक तत्व होते हैं। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता हैं। पोषक अनाज मधुमेह रोगी के लिए एक स्वस्थ आहार का हिस्सा हो सकते हैं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हैं। पोषक अनाजों में करक्यूमिन, एलेजिक एसिड, क्वेरसेटिन जैसे कई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं। रागी कैल्शियम के लिए उच्चतम सामग्री वाला पोषक अनाज हैं। कुछ पोषक अनाज मैग्नीशियम से भी भरपूर होते हैं जो ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों की क्षति को कम करते हैं। पोषक अनाज भूख की महसूस को कम करते हैं। पोषक अनाजों में कैलोरी की मात्रा कम होती है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद करते हैं।

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