श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन के साथ श्रद्धापूर्वक निकली हिंद की चादर शहीदी यात्रा
-जिला पानीपत में आगमन पर साध संगत ने गरिमामयी ढंग से पुष्प वर्षा से किया यात्रा का अभिनंदन
-वाहे गुरुजी का खालसा-वाहे गुरुजी की फतेह से गुंजायमान हुई ऐतिहासिक नगरी
BOL PANIPAT , 19 नवंबर। धन-धन श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में जींद से चली हिंद की चादर तीसरी शहीदी यात्रा का मंगलवार देर सांय पानीपत जिले के इसराना कस्बे में भव्य स्वागत हुआ। इस यात्रा का रात्रि ठहराव प्रसिद्ध गुरूद्वारा इसराना साहिब में किया गया। गुरूद्वारा के संत राजेद्र सिहं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया और बुधवार को संत राजेद्र सिंह ने पुष्प मालाओं से स्वागत करते हुए यात्रा को सम्मान पुर्वक रवाना किया। इसराना से पानीपत तक यात्रा का रास्ते में श्रद्धांलुओं द्वारा स्वागत किया गया। पानीपत टोल पर संगत द्वारा यात्रा का फूल मालाओं से स्वागत किया तथा यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं ने प्रसादा चखा। शहीदी यात्रा के साथ शहर भर में नगर कीर्तन निकाला गया और विभिन्न स्थानों पर संगत ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शहर में धार्मिक माहौल बना रहा और वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह के जयकारों से ऐतिहासिक नगरी गुंजायमान रही।

नगर कीर्तन का एसडीएम सहित गणमान्य व्यक्तियों ने किया भव्य स्वागत
एसडीएम मनदीप कुमार कुमार ने यात्रा का भावपूर्ण तरीके से अभिवादन किया और कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार हमारी महान विभूतियों के त्याग व समर्पण का संदेश आमजन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है। इस मौके पर शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने टोल पर पहुंचकर यात्रा का पुष्प अर्पित कर स्वागत किया। सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से यात्रा में एलईडी वैन के माध्यम से सरकार द्वारा संत महापुरुषों के जीवन वृतांत को भी दिखाया जा रहा है।
इस यात्रा की अगुवाई कर रहे गुरुद्वारा पहली पातशाही के सचिव सरदार अगम अपार सिंह ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं और सर्वोच्च बलिदान को दर्शाती यह शहीदी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक रही है। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और देश की रक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान दिया। नगर कीर्तन यात्रा, गुरु जी के तप, त्याग, विचार और धर्म रक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। यह ऐतिहासिक यात्रा 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी, जहां 25 नवंबर को राज्य स्तरीय भव्य समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा।
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर हरियाणा सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार मोहनजीत सिंह, गुरूद्वारा रामदास सिंह सभा मांडल टाऊन से सरदार हरचरण सिंह धम्मु, सुखमणी सभा के सरदार कुलवंत सिंह व सरदार लखविंद्र सिह,सहित सैकडों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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