कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ने की योजनाओं की समीक्षा
BOL PANIPAT , 7 सितंबर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में फसल अवशेषों को जलाने की घटना ना हों, इसके लिए जिला स्तर पर दैनिक आधार पर निगरानी व प्रबंधन अवश्य करें। डॉ. सुमिता मिश्रा गत दिवस में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों व सम्बंधित अधिकारियों के साथ विभाग की विभिन्न योजनाओं को लेकर समीक्षा कर रही थी।
उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी हर सम्भव प्रयास करें कि वे अपने जिले में किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगा सकें। इसके अलावा, पिछले वर्षो में स्थापित हुए कस्टम हायरिंग सेंटरों की 15 सितम्बर तक शत-प्रतिशत चैकिंग कर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे विकल्पों के बारे में भी जागरूक करें, ताकि इनका प्रयोग कर किसान अपनी आमदनी में भी इजाफा कर सकें और पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दे सकें।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियानों के माध्यम से स्कूली छात्रों की रैली निकालकर पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों व वैकल्पिक पराली प्रबंधन के समाधानों से अवगत करवाए। इसी के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली एक हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से इन सीटू व एक्स सीटू प्रबंधन करने पर भी दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में किसानों को जानकारी दी जाए।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बैठक उपरान्त सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पराली के भण्डारण हेतू पंचायती भूमि का प्रबंध करने एवं उनकी खपत सुनिश्चित करने हेतू अपने-अपने क्षेत्र में निकटतम उद्योगों से सम्पर्क करें ताकि फसल अवशेषों को जलाने पर रोक लगाई जा सके। इस अवसर पर एसडीएम वीरेन्द्र ढूल, एसडीएम समालखा अश्वनी मलिक, सीईओ जिला परिषद विवेक चौधरी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह सहित सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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