जहरीली खेती छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाएं किसान
-कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र में दिया जाएगा नि:शुल्क प्रशिक्षण
-एग्रीहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन/नेचुरल फार्मिंग पोर्टल पर करवाना होगा पंजीकरण
BOL PANIPAT , 22 जून। प्रदेश में जहरमुक्त (प्राकृतिक) खेती को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा लगातार किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी के लिए अब सरकार द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए कुरूक्षेत्र स्थित प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र में नि:शुल्क प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। नि:शुल्क प्रशिक्षण सहित प्राकृतिक खेती के लिए अन्य मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को एग्रीहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन/नेचुरल फार्मिंग पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पानीपत के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों का पंजीकरण शुरू किया गया है ताकि पंजीकृत किसानों को प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र कुरूक्षेत्र में प्रशिक्षण दिलवाया जा सके और किसान भविष्य में जहरमुक्त खेती का कार्य शुरू कर सकें।
जहरीली खेती से धन और स्वास्थ्य दोनों का नुकसान
कृषि उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह का कहना है कि बढ़ती जनसंख्या के कारण उत्पादन बढ़ाने के लिए पिछले कुछ दशक से हमारे किसानों द्वारा अत्यधिक मात्रा में खाद व कीटनाशकों का प्रयोग किया गया। कालांतर में इन जहरीली दवाइयों व खाद से उत्पादन तो बढ़ा, परंतु साथ ही साथ नई-नई घातक बीमारियां भी बढ़ती चली गई जिस कारण से आज आम लोगों को अपने स्वास्थ्य का नुकसान झेलना पड़ रहा है और महंगे इलाज में अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करनी पड़ रही है। वहीं किसानों को भी खाद व दवाई खरीद में अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है जिससे उनकी खेती पर लागत भी बढ़ती है। यदि हमारे किसान जहरीले कीटनाशकों और खाद का प्रयोग छोडक़र प्राकृतिक खेती शुरू करें तो इससे न केवल किसानों के धन की बचत होगी, बल्कि लोगों को बीमारियों से भी मुक्ति मिलेगी। इसी उद्देश्य को लेकर सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को नि:शुल्क प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। भविष्य में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सरकार द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित भी किया जाएगा।
पांच ब्लॉकों के 9 किसानों ने कराया पंजीकरण
उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिला पानीपत में अभी तक 9 किसानों ने प्राकृतिक खेती हेतु प्रशिक्षण के लिए अपना पंजीकरण करवाया है। इनमें सबसे अधिक मडलौडा ब्लॉक से पांच किसानों जितेन्द्र सिंह, संदीप पिलानिया, सोनू, प्रवीन कुमार व संदीप कुमार ने अपना पंजीकरण करवाया है। जबकि खंड सनौली से दो किसानों अजय कादियान व सुमित कुमार ने, खंड इसराना से एक किसान सुलतान सिंह तथा खंड पानीपत से एक किसान नरेन्द्र सिंह ने एग्री हरियाणा पोर्टल पर प्राकृृतिक खेती के प्रशिक्षण हेतु अपना पंजीकरण करवाया है।
खंड कृषि अधिकारी करेंगे प्रोत्साहित
जिले में लाखों की संख्या में किसान खेती करते हैं, परंतु प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों में जागरूकता की कमी है। उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिले के किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर करने के लिए सभी खंड कृषि अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे ऐसे किसानों को चिहिन्त करें जो प्राकृतिक खेती अपनाना चाहते हैं और उनका अधिक से अधिक पंजीकरण पोर्टल पर करवाएं।

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