Friday, July 17, 2026
Newspaper and Magzine


आधुनिक कृषि यंत्र अपनाएं, पराली न जलाएं और पर्यावरण संरक्षण में निभाएं अपनी भागीदारी: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 17, 2026 Tags: , , , , ,

3 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन, पारदर्शी ड्रॉ के माध्यम से होगा लाभार्थियों का चयन

पराली प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा, कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान के लिए आवेदन शुरू

फसल अवशेष जलाने पर रोक की दिशा में बड़ा कदम, किसानों से योजना का लाभ उठाने की अपील

BOL PANIPAT , 17 जुलाई। फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा ने वर्ष 2026-27 के लिए फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत अथवा सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा (जो भी कम हो) तक अनुदान प्रदान किया जाएगा।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पराली का वैज्ञानिक प्रबंधन समय की आवश्यकता है। आधुनिक कृषि यंत्र न केवल किसानों की लागत कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक हैं, बल्कि वायु प्रदूषण रोकने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों को पराली जलाने के बजाय सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं का लाभ उठाकर टिकाऊ और आधुनिक खेती को अपनाना चाहिए।

उपायुक्त ने कहा कि हर किसान का छोटा-सा प्रयास जिले और प्रदेश को प्रदूषण मुक्त बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। सरकार किसानों के हित में पारदर्शी तरीके से अनुदान उपलब्ध करा रही है, इसलिए पात्र किसान समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ अवश्य उठाएं। उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने खरीफ एवं रबी सीजन 2025-26 के दौरान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। जिन किसानों अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य (परिवार पहचान पत्र के अनुसार) के नाम पिछले दो सीजन में पराली जलाने के कारण रेड एंट्री दर्ज है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।

इच्छुक किसान एग्रीहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक परिवार पहचान पत्र पर केवल एक आवेदन ही स्वीकार किया जाएगा। आवेदन के साथ पैन कार्ड, ट्रैक्टर की आरसी (ट्रैक्टर चालित मशीनों के लिए), लघु एवं सीमांत किसानों के लिए पटवारी रिपोर्ट तथा स्व-घोषणा पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में ऑनलाइन ड्रॉ ऑफ लॉट्स के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। चयनित किसानों को परचेज परमिट जारी होने के बाद अधिकृत डीलर से मशीन खरीदनी होगी। मशीन का भुगतान किसान को अपने बैंक खाते से ऑनलाइन अथवा चेक के माध्यम से करना होगा। नकद भुगतान मान्य नहीं होगा। डीलर द्वारा पोर्टल पर बिल एवं फोटो अपलोड करने के बाद जिला समिति मशीनों का भौतिक सत्यापन करेगी। सत्यापन पूरा होने पर अनुदान राशि सीधे किसान के आधार लिंक एवं डीबीटी सक्षम बैंक खाते में भेजी जाएगी।

कृषि विभाग के सहायक अभियंता सुधीर ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त  निर्धारित की गई है। 10 अगस्त को ड्रॉ के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा तथा 14 अगस्त  तक परचेज परमिट जारी किए जाएंगे। किसानों को मशीन खरीदने की अंतिम तिथि 31 अगस्त रहेगी। डीलर द्वारा बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर तथा मशीनों का भौतिक सत्यापन 14 से 16 सितंबर तक किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर, बेलर मशीन, स्ट्रॉ रेक, श्रब मास्टर, जीरो टिल ड्रिल, मल्चर, क्रॉप रीपर, लोडर सहित अन्य फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

उपायुक्त ने किसानों से आह्वान किया कि वे योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा पराली न जलाकर आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि इससे खेती अधिक लाभकारी बनेगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। ध्यान रहे कि पात्र किसान योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, पानीपत अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

Comments


Leave a Reply