उद्योगों में उत्पादन के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
नेस्ले समालखा ने गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में बनाई वैश्विक पहचान
आधुनिक तकनीक और निरंतर नवाचार से औद्योगिक विकास को मिल रही नई दिशा
BOL PANIPAT ,4 नवंबर। नेस्ले समालखा परिसर का बुधवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने निरीक्षण किया और संस्थान की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता प्रबंधन, कर्मचारियों की सुरक्षा तथा विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान संस्थान के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि औद्योगिक विकास केवल उत्पादन और कारोबार बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें गुणवत्ता, कर्मचारियों की सुरक्षा, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। नेस्ले समालखा की विकास यात्रा दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, निरंतर नवाचार और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से औद्योगिक संस्थान किस प्रकार अपनी वैश्विक पहचान स्थापित कर सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि उद्योगों में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए तथा सुरक्षा मानकों और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था का पूरी गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। इस मौके पर उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने संस्थान की विभिन्न व्यवस्थाओं और उपलब्धियों की जानकारी लेते हुए कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल, कर्मचारियों का निरंतर प्रशिक्षण, गुणवत्ता के उच्च मानक और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी किसी भी सफल औद्योगिक इकाई की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने उद्योग प्रबंधन को इन सभी पहलुओं पर निरंतर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर नेस्ले के स्टाफ सदस्य एवं संस्थान के अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर फैक्ट्री हेड हितेश जैन, कॉरपोरेट हेड अमन बजाज आदि मौजूद रहे।

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