Saturday, October 31, 2026
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आर्य पीजी कॉलेज में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर हुआ विस्तार व्याख्यान का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 31, 2026 Tags: , , , ,

–    युवाओं को सरदार पटेल के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए

BOL PANIPAT , शनिवार 31 अकटूबर 2026 : आर्य पीजी कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह एवं प्राध्यापक अजय कादयान ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष, व्यक्तित्व, विचारों तथा देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता में उनके अतुलनीय योगदान से परिचित करवाना रहा।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए एनएसएस इकाई के प्रभारी डॉ. विजय सिंह एवं डॉ. सोनिया सोनी को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पटेल ने अपनी असाधारण नेतृत्व क्षमता और सूझबूझ से देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा एकता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में इस प्रकार के विस्तार व्याख्यान विद्यार्थियों को इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं और महान व्यक्तित्वों के योगदान को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इतिहास का अध्ययन केवल अतीत की घटनाओं को जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्तमान को समझने और भविष्य की दिशा निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास को प्रमाणों एवं तथ्यों के आधार पर समझने और महान विभूतियों के विचारों का गंभीरता से अध्ययन करने का आह्वान किया।

महाविद्यालय की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, एकता और समर्पण की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों के जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेते हुए समाज और देश के विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

मुख्य वक्ता डॉ. विजय सिंह ने सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि पटेल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान किसानों को संगठित करने से लेकर देश की रियासतों के एकीकरण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से बारडोली सत्याग्रह में उनके कुशल नेतृत्व और संगठन क्षमता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद विभिन्न रियासतों का भारतीय संघ में विलय करवाना उनकी दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और राजनीतिक कौशल का अद्वितीय उदाहरण है। सरदार पटेल का जीवन आज भी युवाओं को एकता, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

एनएसएस इकाई की प्रभारी डॉ. सोनिया सोनी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सेवा भावना का विकास करना है। सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन इन सभी मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों और आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देश की अखंडता को बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

इतिहास विभाग के प्राध्यापक अजय कादयान ने कहा कि इतिहास विभाग का सदैव प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें ऐतिहासिक घटनाओं और महान व्यक्तित्वों के सामाजिक, राजनीतिक एवं राष्ट्रीय संदर्भों से भी अवगत करवाया जाए। इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपने अतीत को समझने और वर्तमान के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. संदीप ने प्रभावशाली ढंग से किया।

इस अवसर पर डॉ. मीनल तालस, डॉ. सोनिया सोनी, डॉ. दीपक जांगड़ा, डॉ. अमित सिंगरोहा, डॉ. संदीप, प्राध्यापक दीपक बत्रा, अजय, प्राध्यापिका खुशबू सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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