समाधान शिविर में दर्ज शिकायतों पर किसी भी तरह की लापरवाही, उदासीनता या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
-सीएमजीजीए ने देखी समाधान शिविर की कार्यवाही
-मुख्यमंत्री नायब सिंह 24 जनवरी को सचिवालय में प्री बजट को लेकर आयोजित कार्यक्रम में होंगे उपस्थित, तैयारीयों को लेकर प्रशासन गंभीर
-जनता समाधान शिविर बने प्रशासनिक जवाबदेही का मजबूत माध्यम
-जनता की समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी ही नहीं, कर्तव्य भी
-कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, हर शिकायत पर होगी निष्पक्ष कार्रवाई: एसपी भूपेंद्र सिंह
-समय पर समाधान न हुआ तो जिम्मेदारी तय होगी: एसडीएम मनदीप कुमार
BOL PANIPAT , 5 जनवरी। हरियाणा सरकार द्वारा जिला एवं उपमंडल स्तर पर नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे जनता समाधान शिविर आमजन के लिए राहत का सशक्त मंच बनकर उभर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से जहां लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है, वहीं शिकायतों के मौके पर समाधान और ठोस कार्रवाई से जनता का प्रशासन पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में आयोजित जनता समाधान शिविर में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शिविर में उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने स्वयं उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। शिविर के दौरान प्रशासनिक गंभीरता और संवेदनशीलता साफ तौर पर देखने को मिली।
शिविर में प्राप्त 41 शिकायतों में सबसे अधिक मामले फैमिली आईडी में आय कम करवाने, पेंशन, राशन कार्ड, बिजली, नगर निगम, पुलिस और राजस्व विभाग से संबंधित रहे। कई मामलों में फरियादियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने अधिकारियों को सख्त शब्दों में चेताते हुए कहा कि जनता समाधान शिविर किसी भी रूप में औपचारिकता नहीं हैं। ये शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी हैं। हर अधिकारी यह बात गांठ बांध ले कि जनता की समस्या को गंभीरता से सुनना और उसका समाधान करना उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान केवल फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। जिन मामलों में जानबूझकर देरी या लापरवाही सामने आएगी, वहां संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ दहिया ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं को समझें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करें।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने शिविर में मौजूद फरियादियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर नागरिक की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है। किसी भी फरियादी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस से संबंधित हर शिकायत पर त्वरित, निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि जनता समाधान शिविर पुलिस और आमजन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम हैं, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है।
एसडीएम मनदीप कुमार ने कहा कि जनता समाधान शिविरों में प्राप्त हर शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी फरियादी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। फरियादियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि सीधे उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने से उन्हें समाधान की वास्तविक उम्मीद मिली है। फरियादियों ने बताया कि पहले जहां छोटी-छोटी समस्याओं के लिए महीनों भटकना पड़ता था, वहीं अब जनता समाधान शिविरों के माध्यम से समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है। कुल मिलाकर, जनता समाधान शिविर पानीपत जिले में प्रशासन और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का मजबूत उदाहरण बनते नजर आ रहे हैं।
प्रार्थी गोयला कलां अनिल जसवीर जोगिंदर ऋषिपाल ने यमुना तट पर रेत के खनन पर रोक लगाने की प्रार्थना की। प्रार्थी अमित कुमार वासी सिवाह ने दिव्यांग पेंशन बनवाने की प्रशासन से मांग की। प्रार्थी बलवंत कौर वासी वार्ड 3 ने प्रशासन से राशन कार्ड बनवाने का अनुरोध किया। प्रार्थी यशपाल ने शहर में घूमने वाले ई रिक्शा पर रोक लगाने का प्रशासन से अनुरोध किया। उन्होंने ज्यादा दुर्घटनाओं के घटने और जाम लगने का कारण ई रिक्शा बताया।
इस मौके पर सीईओ डॉ किरण, निगम संयुक्त आयुक्त डॉ संजय, डीएसपी सतीश वत्स, डीडीपीओ राजेश शर्मा, सीएम जीजीए अदिति, डीपीओ परमिंदर कौर, कोच सुषमा, एसडीओ कृषि विभाग राजेश भारद्वाज, एसडीओ सूबे सिंह, आरटीए डॉ नीरज जिंदल, पुलिस कैम्पलैंड अधिकारी सुरेश, महेश, संजीव शर्मा, जोगिंदर आदि मौजूद रहे।

Comments