Tuesday, August 18, 2026
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जब तक आदमी का शोषण और एक देश के द्वारा दूसरे देश का शोषण होगा तब तक अक्तुबर क्रांति की प्रासंगिकता रहेगी

By LALIT SHARMA , in Politics , at November 7, 2025 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : 7 नवम्बर जब तक दुनिया के किसी भी हिस्से में आदमी के द्वारा आदमी का शोषण और एक देश के द्वारा दूसरे देश का शोषण होगा तब तक अक्तुबर क्रांति की प्रासंगिकता रहेगी । यह विचार सीपीआई के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने आज यहां स्थानीय भगत सिंह स्मारक स्थित स्वतंत्रता सेनानी कामरेड टीकाराम सखुन हाल में आयोजित एक गोष्ठी में व्यक्त किये । गोष्ठी का आयोजन समाजवादी क्रांति के 108 वें दिवस पर किया गया, गोष्ठी की अध्यक्षता सन्नोवर राणा ने की और संचालन सीपीआई के जिला सचिव कामरेड पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने किया। गोष्ठी से पूर्व भगत सिंह स्मारक के प्रांगण में अक्तुबर क्रांति अमर रहे, दुनिया भर के मजदूरों एक हो, साम्राज्यवादी ताकतें मुर्दाबाद आदि नारों के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का झंडा फहराया गया तथा प्रांगण में स्थित शहीद भगत सिंह, राजगुरु सुखदेव की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किये गये।
सीपीआई के राज्य सचिव कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने कहा कि अक्तुबर 1917 में रुस में हुई महान समाजवादी क्रांति को मानवता के इतिहास में एक अति महत्वपूर्ण – युगांतरकारी परिवर्तन के लिए याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि 25 अक्तुबर ( 7 नवम्बर 1917 ) के दिन रुस की जनता के सहयोग से वहां की बोलसेविक पार्टी ( रुस की कम्युनिस्ट पार्टी) ने महान ब्लादिमीर इलयिच लेनिन के नेतृत्व में वर्षों से रुस में चले आ रहे दमनकारी जार परिवार के तानाशाही शासन का खात्मा करके रुस के मजदूरों, किसानों व आम जनता का राज कायम किया। उन्होंने कहा कि इस महान क्रांति ने ना केवल रुस में तानाशाही शासन को खत्म किया बल्कि दुनिया की पूरी साम्राज्यवादी व्यवस्था को एक जोरदार झटका देकर नये परिवर्तन का संकेत दिया।
कामरेड कश्यप ने कहा कि हमारे देश सहित अनेक देशों में चल रहे आजादी के आंदोलन को भी रुसी क्रांति ने उत्साह के साथ संघर्ष तेज करने की प्ररेणा दी। उन्होंने कहा कि अपने देश की जनता के सार्वभौमिक विकास के साथ साथ सोवियत संघ की कम्युनिस्ट सरकार ने नये आजाद हुए देशों को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए भी भरपूर मदद की। कामरेड कश्यप ने कहा कि पिछले वर्षों में दुनिया भर में पूंजीवादी सरकारों द्वारा चलाई जा रही नई आर्थिक नीति के नाम पर नव उदारवाद, भूमंडलीकरण,नीजिकरण जैसी जनविरोधी नीतियों ने दुनिया के साथ साथ हमारे देश की अर्थव्यवस्था के सामने संकट खड़ा कर दिया है।आज महंगाई,बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानता और सम्प्रदायिकता विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक एक देश के द्वारा दूसरे देश का और आदमी के द्वारा आदमी का शोषण जारी रहेगा तब तक अक्तुबर क्रांति की प्रासंगिकता बनी रहेगी।
सीपीआई की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य एवं जिला सचिव कामरेड पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने कहा कि क्रांति के बाद रुस के साथ लगते विभिन्न राज्यों ने स्वेच्छा से मिलकर सोवियत संघ का गठन किया और मार्क्सवाद – लेनिनवाद के सिध्दांतों पर चलते हुए कुछ ही समय में सोवियत संघ से अशिक्षा, बेरोजगारी, महंगाई,आवासहीनता, सामाजिक असमानता का पूरी तरह विनाश कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे देश के महान क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों ने समाजवादी क्रांति से प्रेरणा लेकर देश की मेहनतकश जनता, सर्वहारा वर्ग की मुक्ति के लिए अनवरत संघर्षों, अनेक बलिदानों के बाद जो कुछ हासिल किया था,उन सब अधिकारों, सुविधाओं को तहस नहस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की रक्षा एवं महान समाजवादी क्रांति के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत और विस्तारित करना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर ओम सिंह यादव, सन्नोवर राणा, भूपेन्द्र कश्यप, कैलाश नारायण यादव, अनिकेत कुमार,विजय कुमार माली,नईम खान, राधेश्याम, नवल किशोर, सतीश यादव आदि उपस्थित रहे।

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