Monday, August 31, 2026
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100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के तहत किए गए जागरूकता कार्यक्रम।

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at December 24, 2025 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के तहत जिले में अलग अलग जगहों पर स्कूलों, कॉलेजों, आंगनवाड़ी केंद्रों और पंचायतों में लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करने का अभियान जोरों पर है। इस अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निंबरी, राजकीय उच्च विद्यालय बबैल, उग्राखेड़ी, रॉक्सेडा, बसाड़ा में विद्यार्थियों व ग्रामीणों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया गया। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन सहयोगी संस्था एमडीडी ऑफ इंडिया से जिला समन्वयक संजय कुमार ने बबैल में विद्यार्थियों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह अभी भी हमारे समाज की एक कड़वी सच्चाई है जिस वजह से देश में 15 लाख से अधिक बाल वधुएं हैं। आज भी समाज में लड़कियों और महिलाओं को दोयम दर्जे का माना जाता है जिस वजह से उन्हें शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। इसी कारण उनकी पढ़ाई और कैरियर को महत्व नहीं दिया जाता और कम उम्र में ही उनकी पढ़ाई छुड़वाकर उन्हें घर के कामकाज में लगा दिया जाता है। इस वजह से हर साल हजारों की संख्या में बाल विवाह होते हैं। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह एक अपराध है जिसके लिए बाल विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है लेकिन इसके बावजूद रिपोर्ट और सजा की दर काफी कम है। इसलिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान और कानून के सख्ती से पालन की जरूरत है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बबैल से प्रिंसिपल अजेंद्र सिंह ने कहा कि हम समय समय पर विद्यार्थियों को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करते हैं लेकिन अभी भी बहुत ज्यादा काम किए जाने की जरूरत है। हम सब मिलकर जोरदार अभियान चलाएंगे तभी बाल विवाह नामक समस्या को खत्म कर पाएंगे।
निंबरी राजकीय उच्च विद्यालय हेडमास्टर कृष्ण ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन का अधिकार सभी बच्चों का मूलभूत अधिकार है लेकिन बाल विवाह के कारण बच्चों से ये अधिकार छिन जाते हैं और बच्चों को बाप श्रम के अभिशाप को भी झेलना पड़ता है, इसलिए बाल विवाह व बाल श्रम को रोकना हम सबका दायित्व है। बच्चों के बीच बाल विवाह के बारे में निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित करवाई गई।

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