बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संतुलित आहार जरूरी: श्रेया मिडडा़
BOL PANIPAT , 24 मार्च। पोषण अभियान की जिला समन्वयक डॉ. श्रेया मिडडा़ ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश अनुसार विभाग द्वारा पोषण पखवाड़ा अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न बिंदुओं पर केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 0 से 6 साल तक के बच्चों का वजन लेना तथा हाइट मापना और कमजोर बच्चों की माता – पिता को उनकी डाइट के बारे में बताया जाता है,ताकि बच्चों को कुपोषित होने से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका गतिविधि के अंतर्गत दैनिक जीवन में सब्जियों व फलों के सेवन, आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण पखवाड़ा वाटिका की स्थापना, अति कुपोषित बच्चों का प्रबंधन गतिविधि के अंतर्गत बच्चों की लंबाई और वजन माप किया जाता है। इसके अलावा बच्चों, गर्भवती माताओं के पर्याप्त पोषण व उचित स्वास्थ्य के लिए सही देखभाल, पोषण तत्वों से भरपूर भोजन गतिविधि के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियों व फलों का सेवन ने करने की सलाह दी जा रहीं हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को एनिमिया से बचाव के लिए दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां पालक इत्यादि व फल, सब्जियां, दूध, दही, पनीर आदि से बने आहार लेने का आह्वान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित गोष्ठी में गर्भवती माताओं, दूध पिलाने वाली माताओं और किशोरी लड़कियों व महिलाओं ने भाग लिया, अन्य जिसमें कोरोना महामारी से बचाव को लेकर टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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