बैंकर उधार कर्ता पर कार्रवाई करने से पहले सावधानी पूर्वक विचार करें: उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया
उपायुक्त ने विभिन्न राष्ट्रीयकृत और प्राइवेट बैंकों के बैंकर के साथ की बैठक
BOL PANIPAT ,16 जून। सरफेसी मामलों को लेकर उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया ने सोमवार को जिले के 15 नेशनलाइज्ड व प्राइवेट बैंकों के बैंकर के साथ बैठक कर बैंकर को उधार कर्ता के साथ सावधानी पूर्ण कार्य करने व एक्शन लेने से पहले विचार करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि बैंकर उधार कर्ता पर अनावश्यक खर्चा न थोपें। उपायुक्त ने अकाउंट रेगुलर करने और प्रस्ताव समझौता पर बैंकर को विचार करने के भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि अगर किसी स्थिति में बैंकर व उधार कर्ता केस में समझौता नहीं हो पता तो दोबारा परमिशन नहीं दी जाएगी इसके लिए बैंकर्स को सावधानीपूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। विदित रहे कि सरफेसी एक्ट का मुख्य उद्देश्य बैंकों और वित्तीयसंस्थानों को गैर- निष्पादित परिसंपत्तियों को कम करने और ऋण वसूली प्रक्रिया को तेज करने में मदद करना है। यह अधिनियम मुख्य रूप से सुरक्षित ऋणों के मामलों में लागू होता है, जहां ऋण के बदले में संपत्ति को गिरवी रखा जाता है। सरफेसी एक्ट के प्रावधानों के कारण, उधारकर्ताओं को समय पर ऋण चुकाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि उनकी संपत्ति को जब्त होने से बचाया जा सके। इस मौके पर करीब 15 नेशनलाइज्ड व प्राइवेट बैंकों के बैंकर मौजूद रहे।

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