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3 से 8 साल के बच्चोंं को हिन्दी और गणित में पारंगत करेंगे शिक्षक: उपायुक्त

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE EDUCATIONAL , at June 15, 2022 Tags: , , , ,

बच्चों को खिलौने और फलों से पढ़ाया जाएगा: डीईओ

BOL PANIPAT , 15 जून। 3 से 8 साल के बच्चों को शिक्षक हिंदी और गणित में पारंगत करेंगे। जिला उपायुक्त सुशील सारवान ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि वह बच्चों की पढ़ाई, होम वर्क और खेल गतिविधियों पर नजर रख सकें। जटिल शब्दों को सरल भाषा में समझाया जाएगा। उसके भिन्न-भिन्न अर्थो से अवगत कराया जाएगा। गणित विषय को मनोरंजक तरीके सेे पढ़ाने का चार्ट तैयार किया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने बच्चों के मूल शैक्षणिक आधार को मजबूत करने के लिए योजना बनाई है।

जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत 3 से 8 साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में दाखिला लेना होगा। इसके बाद प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा से पढ़ाई संभव हो सकेगी। शिक्षा विभाग द्वारा तीसरी कक्षा तक बच्चों को हिंदी ,गणित,अंग्रेजी,विषय में पारंगत बनाने का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में कोविड संक्रमण के चलते शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे। स्थिति सामान्य नहीं होने के कारण 2021 में भी लॉकडाउन लगाया गया। इस दौरान बच्चों को सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई ही करवाई गई। इस कारण बच्चों का कक्षा के अनुसार मानसिक विकास नहीं हो सका। अब हालात सामान्य हो गए हैं। स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई भी शुरू हो गई हैं। इसलिए अब विभाग का पूरा ध्यान बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत करने पर है। इस कारण 3 साल तक के बच्चों की पढ़ाई आंगनबाड़ी केंद्रों में कराई जाएगी। यहां भी बच्चों की देनिक पढ़ाई के साथ विशेष कक्षा लगाई जाएंगी। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग द्वारा पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को हिंदी, गणित व अंग्रेजी में पांरगत किया जाएगा।

छुट्टीयों में खेल गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मुख्यालय के निर्देशानुसार ग्रीष्मकालीन छुटिट्ïयां शुरू हो गई हैं। इसके बाद भी शिक्षकों को बच्चों से संपर्क बनाना पड़ेगा। नियमित रूप से होमवर्क तथा जटिल सवालों को हल कराने की योजना बनी है। मानसिक थकान मिटाने के लिए बच्चों को नियमित खेंलों का चार्ट भी दिया जाएगा।

शिक्षकों को दी जा रही है एफ.एल.एन. की ट्रेनिंग

उन्होंने बताया कि जिला के सभी प्राथमिक स्कूलों के अध्यापकों को एफएलएन टे्रनिंग दी जा रही है। एफएलएन टे्रनिंग में जिला के 750 प्राईमरी अध्यापकों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि दो फेस की ट्रेनिंग में 160 अध्यापक ट्रेनिंग ले चुके हैं तथा तीसरे फेस की ट्रेनिंग जारी है। इस ट्रेनिंग के माध्यम से जटिल शब्दों को सरल भाषा में समझाने और उसके भिन्न-भिन्न अर्थों से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गणित विषय को मनोरंजन तरीके से पढ़ाने का चार्ट तैयार किया गया है। बच्चों को लगाव खिलौनों में होता है। इसलिए खिलौनों के चित्र अंकित रहेंगे, ताकि बच्चे उनकी संख्या को देखकर गिनती आसानी से सीख सकेंगे।

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