विकास कार्यों में पारदर्शिता बरतें: उपायुक्त
सरकार की प्राथमिकता, क्षेत्र का विकास बगैर भ्रष्टाचार के हो
BOL PANIPAT ,16 फरवरी। सरकार द्वारा जिले में कराये जा रहे ग्राम विकास कार्यों को लेकर गुरूवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त सुशील सारवान ने ग्राम सचिव, जेई,बीडीओ,एसडीओ और कार्यकारी अभियंताओं की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हैं कि क्षेत्र का विकास बगैर भ्रष्टाचार के हो इसके लिए ईमानदारी से कार्य करने की आवश्यकता है। जो संबंधित अधिकारी, सरपंच,ग्राम सचिव विकास कार्यों में कोताही बरतते हुआ पाये जाते हैं उनके विरूद्ध ठोस कार्यवाही हो सकती हैं वे इसके लिए स्वयं जिम्मदारे होंगे।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने ग्राम सचिवों से गांव में 2 लाख रुपये तक की लागत के विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा पारित किये गये प्रस्तावों के बारे में भी जानकारी ली व 2 लाख से ज्यादा की लागत के विकास कार्यो के प्रस्ताव देने के भी निर्देश अधिकारियो को दिये। उन्होंने आगामी 2 दिन में (सोमवार तक) जिन ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित नहीं किये हैं उनका ब्यौरा देने व अति शीघ्रता से प्रस्ताव भिजवाने के भी निर्देश दिये। विदित रहे की अभी तक 178 ग्राम पंचायतों में से 110 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यो के लिए प्रस्ताव पारित किये हैं।
उपायुक्त ने कहा कि वे स्वयं गावं में जाकर सरकार द्वारा करवाये जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लेंगे व अनियमितताएं पाये जाने पर कार्यवाही करेंगे। उन्होंने ग्राम सचिवों व सरपंचों को चेताया की विकास कार्यों में अगर किसी भी प्रकार की कोताही नजऱ आई तो इसके लिए वे खुद जिम्मेदार होंगे। उन पर सख्त से सख्त कार्यवाही हो सकती है। वे विकास कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखें व ईमानदारी से कार्य करें। उपायुक्त ने सरपंचों को सलीखे से कार्य करने के लिए सरकार द्वारा जारी की गई हिदायतों को पढऩे का भी अनुरोध किया।
उपायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों में बहुत ज्यादा पारदर्शिता की आवश्यकता है। हमें इसे भुलना नहीं चाहिये। बगैर भ्रष्टाचार के विकास कार्य करने की अधिकारियों को आदत डाल लेनी चाहिये। उन्होंने सरपंचों चेताया कि उन्हें अनुशासन हिनता किसी भी प्रकार से बर्दाशत नहीं होगी। उपायुक्त ने सभी ग्राम सचिवो को अपने क्षेत्र में बैठके करने की भी सलाह दी।

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