गांव में गूंजे पराली नहीं जलाएंगे के नारे।
बापौली में विद्यार्थियों ने निकाली जागरूकता रैली।
BOL PANIPAT : 30 सितंबर। गांव बापौली की गलियों में शुक्रवार सुबह हाथ में बैनर लिए विद्यार्थियों ने पर्यावरण को बचाना है पराली नहीं जलाना है के स्लोगन गुंजायमान करते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक किया।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस जागरूकता रैली में किसानों को जागरूक करने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत चलाए जा रहे विशेष जागरूकता पखवाड़े के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। विद्यार्थियों ने पराली जलाने से होने वाले नुकसान को स्लोगन के माध्यम से उजागर किया और किसानों को समझाया कि पराली जलाना केवल पर्यावरण के लिहाज से ही नहीं बल्कि खुद प्राणियों के स्वास्थ्य और किसानों की आर्थिक सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है।
इसके अतिरिक्त बहरामपुर के राजकीय महाविद्यालय में भी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया और विद्यार्थियों ने पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी एसडीओ नरेंद्र दहिया, खंड कृषि अधिकारी डॉ सतीश कुमार, कृषि विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार, बीटीएम रेहान इत्यादि ने लोगों को बताया कि किसान अपने खेत में ही प्रणाली व अन्य फसल अवशेषों को कृषि यंत्रों के माध्यम से प्रबंधन कर इसको नष्ट कर सकता है। उसे सरकार की ओर से प्रति एकड़ के हिसाब से एक हजार की राशि भी दी जाती है। लेकिन यदि पराली जलाई जाती है तो उस पर जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है। इसलिए सभी बच्चे अपने घरों में जाकर अपने अभिभावकों को जागरूक करें।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ वजीर सिंह ने कहा कि कृषि विभाग का पूरा प्रयास है कि किसान यदि स्वयं जागरूक होकर पराली जलाने से बचें और फसल काटने के उपरांत पराली को कृषि यंत्रों के माध्यम से खेत में नष्ट कर दें और सीएचसी को बेचकर लाभ भी कमा सकते हैं। इस कड़ी में विभाग द्वारा जागरूकता वैन के माध्यम से भी प्रचार किया जा रहा है। शुक्रवार को गांव में किसानों को जागरूक किया गया। इस जागरूकता वैन को गत 27 सितंबर को करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

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