Sunday, October 11, 2026
Newspaper and Magzine


वाइल्ड लाइफ सप्ताह के अंतर्गत छतबीड़ जू में बर्ड वॉक आयोजित

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at October 3, 2026 Tags: , , , ,

ट्राई सिटी चंडीगढ़ के नामी फोटोग्राफर्स व वन्य जीव प्रेमियों ने लिया हिस्सा

BOL PANIPAT : चंडीगढ़ 03 अक्टूबर , पंजाब सरकार के वन और वन्य जीव संरक्षण विभाग द्वारा वाइल्डलाइफ वीक- 2026 मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष में शनिवार को एक बड़े बर्ड वॉक का आयोजन किया गया जिसमें सोशल सब्सटांस, ट्राई सिटी फोटो आर्ट सोसाइटी(तपस) व अन्य संस्थाओं से जुड़े सदस्यों ने भाग लिया। छतबीड़ जू अथॉरिटी व सोशल सब्सटांस के सहयोग से सुबह के समय यह वॉक रखा गया। इस वॉक में ट्राई सिटी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के नामी वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स, आर्ट फोटोग्राफर्स और वन्य जीव प्रेमियों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर सोशल सब्सटेंस के अरूण भाटिया ने बताया कि उनकी संस्था निरंतर फोटोग्राफी और डॉक्युमेंटेशन के माध्यम से वन्य जीवन और कुदरत के संरक्षण हेतु कार्य करती रहती है। तपस के मेंटर दीप भाटिया ने बताया के ट्राई सिटी फोटो आर्ट सोसाइटी पिछले 10 सालों से इस क्षेत्र में कलात्मक फोटोग्राफी को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यरत है। इस मौके पर छतबीड़ जू के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे तथा उन्होंने भागीदारी संस्थाओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। फोटोग्राफी से जुड़ी संस्थाओं के अग्रह पर अधिकारियों ने कहा कि वाइल्डलाइफ और आर्ट फोटोग्राफी से जुड़े आर्टिस्ट के लिए कैमरे की ₹500 फीस माफ कर दी जाएगी।

मॉर्निंग फोटो वॉक के दौरान फोटोग्राफरों ने जहां छतबीड़ चिड़ियाघर में रखे सुंदर पक्षियों की फोटोग्राफी की, वहीं दुर्लभ जंगली जानवरों और वहां के प्राकृतिक नजारों को अपने कैमरे में कैद किया। ट्राई सिटी फोटो आर्ट सोसाइटी की तरफ से दीप भाटिया, हेमंत चौहान, प्रवीण नैन, पीयूष चित्रा, राजेश आर्य, राहुल बक्शी, अशोक गोयल, सुभाष गोयल, संदीप सैनी, अंगसुमन राय चौधरी व तरनजीव सिंह ने बर्ड वॉक में हिस्सा लिया।

इस प्रकृति भ्रमण में प्रतिभागियों ने छतबीर क्षेत्र के प्राकृतिक वातावरण में पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने और उनके व्यवहार को समझने का अवसर प्राप्त किया। सुबह के शांत और अनुकूल मौसम में विभिन्न पक्षियों की गतिविधियों, उनकी आवाजों, उड़ान, भोजन की तलाश और प्राकृतिक आवास के साथ उनके संबंधों को करीब से देखा गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं और प्रकृति प्रेमियों में पक्षी अवलोकन, जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति रुचि पैदा करना था। प्रतिभागियों को बताया गया कि पक्षी किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण संकेतक होते हैं और उनकी उपस्थिति पर्यावरण के स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है। आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रकृति-आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का उद्देश्य समाज को वन्यजीवों और जैव विविधता से जोड़ना तथा लोगों को संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना है।

Comments


Leave a Reply