स्माइल फाउंडेशन सोसाइटी व बार एसोसिएशन पानीपत द्वारा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पानीपत में रक्तदान शिविर का आयोजन.
BOL PANIPAT : स्माइल फाउंडेशन सोसाइटी व बार एसोसिएशन पानीपत द्वारा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पानीपत में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।कैम्प में 60 यूनिट रक्त एकत्रित किया हुआ जो की सिविल हॉस्पिटल पानीपत में जरूरतमंद लोगो की सहायता के लिए उपयोग किया जाएगा। डिस्ट्रिक्ट जज श्री सुरेश कुमार जी ने कहा की यदि शरीर में अधिक मात्रा में खून की कमी हो जाए तो लोगों को घातक बीमारियाँ हो जाती हैं और उनकी मृत्यु भी हो जाती है। इस प्रकार, हम देखते हैं कि कैसे रक्तदान वस्तुतः जीवन-रक्षक है जो लोगों की मदद करता है। यह मानवता का भी प्रतीक है जो जाति, पंथ, धर्म आदि से परे लोगों को एकजुट करता है। अन्तोदय ऑफिसर जयपन सिंह ने कहा की ब्लड डोनेट करने को लेकर लोगों की मानसिकता बनी हुई है कि लोग रक्तदान करने के बाद कमजोर हो जाते हैं. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा कुछ नहीं होता है.ब्लड डोनेट करने से किसी भी तरह का नुकसान नहीं है बल्कि फायदे बहुत हैं. सिविल हॉस्पिटल के डॉ अमित भौरिया ने कहा कि खून में आयरन की अधिक मात्रा ब्लड वेसल्स को ब्लॉक कर देती हैं। जिसकी वजह से हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में ब्लड डोनेट करने से शरीर से एक्स्ट्रा आयरन रिलीज होता है और आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।सिविल हॉस्पिटल ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ रजत गुप्ता ने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है। रक्तदान शरीर को और स्वस्थ बनाता है। डोनेट करने के बाद 24 घंटे में वापस शरीर में उतना ही ब्लड बन जाता है।
कैंसर के मरीज नहीं कर सकते ब्लड डोनेट।
अगर आप मिर्गी, अस्थमा, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, पॉलीसिथीमिया वेरा आदि से जूझ रहे हैं, तो आप रक्तदान नहीं कर सकते। पिछले एक साल में टैटू या एक्यूपंक्चर थेरेपी ली है, तो ब्लड डोनेट नहीं कर सकते।
पानीपत बार के प्रधान अमित कादियान ने कहा की एक स्वस्थ इंसान हर दिन 400 से 2000 मिलीलीटर के बीच खून प्रोड्यूस करता है और अपने जीवन काल में करीबन 34400 लीटर खून बनाता है. प्रत्येक दो महीने पर ब्लड डोनेट कर सकते हैं. एक स्वस्थ इंसान के शरीर में 5 लीटर खून होना चाहिए।स्माइल फाउंडेशन की अध्यक्ष सुनीता सिवाच ने कहा कि रक्तदान द्वारा किसी को नवजीवन देकर जो आत्मिक आनंद मिलता है उसका न तो कोई मूल्य आँका जा सकता है न ही उसे शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है। चिकित्सकों का यह मानना है कि रक्तदान करना चाहिए खून में कोलेस्ट्रॉल की अधिकता रक्त प्रवाह में बाधा डालती है। रक्तदान शरीर द्वारा रक्त बनाने की क्रिया को भी तीव्र कर देता है।अतः आप भी नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करें, जिससे रक्त की हमेशा उपलब्धता बनी रहे कोई सुहागन विधवा न बने, वृद्ध मॉ-बाप बेसहारा न हो, खिलता यौवन असमय ही काल कवलित न हो आज किसी को आपके रक्त की आवश्यकता है, हो सकता है कल आपको किसी के रक्त की आवश्यकता पड़े अतः निडर होकर स्वैच्छिक रक्तदान करे। सिविल हॉस्पिटल पानीपत का विशेष सहयोग रहा।इस अवसर पर विपुल धीमान, राहुल कुमार,विनय मलिक,ऋतु रेवड़ी, शीला देवी,रजत,बबीता कादियान,पंकज शर्मा, विशाल सेठ, रविंद्र रावल, मोहित आदि का सहयोग रहा।

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