पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में पानीपत पुलिस की साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई.
-फर्जी वेबसाइट बनाकर व लक्की ड्रा निकलने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़. सरगना सहित 4 आरोपी बिहार के पटना से गिरफ्तार.
-कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर युवक से ऑनलाइन 6.60 लाख रूपये की ठगी की.
-14 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 18 सिम कार्ड, स्टेट बैंक की 2 फर्जी मोहर, 4 अन्य फर्जी मोहर व पते लिखे 304 लिफाफे व 900 लक्की ड्रा कूपन बरामद.
BOL PANIPAT : 15 जनवरी 2024, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए जिला पानीपत की साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने फर्जी वेबसाइट बनाकर कंपनी की फ्रेंचाइजी देने व लक्की ड्रा निकलने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के सरगना सहित 4 आरोपियों को काबू करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी पिछले 1 साल से वारदातों को अंजाम देने में सक्रिय थे। आरोपी विभिन्न राज्यों में लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देकर करोड़ो रूपये की राशि ठग चुके है।

एएसपी मयंक मिश्रा ने सोमवार को साइबर क्रामइ थाना में प्रेसवार्ता कर प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को रविवार को बिहार के पटना से काबू कर इनके कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 18 सिम कार्ड, स्टेट बैंक की 2 फर्जी मोहर, 4 अन्य मोहर व पते लिखे 304 लिफाफे व 900 लक्की ड्रा कूपन व 93 ऑफर फार्म बरामद किये हैं। आरोपियों की पहचान अमित पुत्र उमेश निवासी कतरी सराय नालंदा, दीपक भारती पुत्र जयकृष्ण निवासी सूपाल, कुलदीप पुत्र गयामहत्व निवासी लखी सराय व चंदन निवासी कतरी सराय नालंदा बिहार के रूप में हुई हैं।
एएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में सेक्टर 12 निवासी यश गर्ग ने शिकायत देकर बताया था कि वह गूगल पर स्पोर्टस की डिकैथलॉन नामक कंपनी की फ्रेंचाइजी ढूंढ रहा था। जहा पर उसको एक वेबसाइट मिली। 10 अक्तूबर 2023 को उसने इसके लिए आवेदन कर दिया। इसके अगले दिन एक नंबर से फोन आया। फोन पर बात कर रहे युवक ने उसको डिकैथलॉन कंपनी के नियमों व शर्तो बारे बताकर एक मेल भेजी। इसके बाद उसको पंजीकरण व सुरक्षा राशि के नाम पर भुगतान करने के साथ ही कंपनी की टीम से जगह का निरक्षण करने की बात कही गई। 13 अक्तूबर 2023 को कंपनी का अकाउंट नंबर देकर उससे 6.60लाख रूपये डलवा लिए। इसके लिए उसके पास यूटीआर नंबर भेजा गया। जिसको चैक करवाने पर वह फर्जी पाया गया। आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर धोखाधड़ी कर उससे उक्त राशि ठग ली। शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।

एएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने कॉलिंग नंबर व बैंक खातों का विशेलषण कर दबिश देते हुए गिरोह के सरगना सहित 4 आरोपियों को रविवार को बिहार के पटना से काबू कर माननीय न्यायालय में पेश कर वहा से चारों आरोपियों को राहदारी रिमांड पर हासिल कर पानीपत लेकर आई।
गिरोह के सरगना बीएससी पास आरोपी अमित ने साथी आरोपी बीसीए पास दीपक भारती के साथ मिलकर डिकैथलॉन नामक कंपनी से मिलती जुलती फर्जी वेबसाइट बनवाई.
आरोपियों से प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ गिरोह का सरगना आरोपी अमित बीएससी पास है। अमित ने साथी आरोपी दीपक भारती के साथ मिलकर स्पोर्टस की डिकैथलॉन नामक कंपनी की फर्जी वेबसाइट बनाकर उसे गूगल पर अपलोड करवा दिया। आरोपी अमित बीसीए पास है जिससे उसको सॉफ्टवेयर के बारे में काफी जानकारी थी। आरोपी दीपक ने फर्जी वेबसाइट पर काफी विज्ञापन दिया ताकि गूगल पर उनकी वेबसाइट असल वेबसाइट से उपर दिखे। गूगल पर स्पोर्टस की डिकैथलॉन नामक कंपनी की वेबसाइट सर्च करने पर आरोपियों की फर्जी वेबसाइट पहले दिखई देने पर लोगों द्वारा उस पर विश्वास कर लिया जाता था। लोग कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए फर्जी वेबसाइट पर दिए मोबाइल नंबर पर सपर्क करते तो आरोपी उनकों विश्वास में लेकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों ने लोगों से बता करने के लिए अपने साथी आरोपी चंदन व कुलदीप को सैलरी पर रखा हुआ था। आरोपी इस प्रकार विभिन्न राज्यों के लोगों से करोड़ो रूपए की राशि ठग चुके है।
लक्की ड्रा निकलने का झांसा देकर आरोपी लोगों से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे
एएसपी मयंक मिश्रा ने बताया उक्त गिरोह फर्जी वेबसाइट के अतिरिक्त लक्की ड्रा निकलने के नाम पर भी लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देने में सक्रिय था। आरोपी चंदन व कुलदीप लोगों को फोन कॉल कर वोडाफोन, एयरटेल, जीओ इत्यादी टेलीकॉम कंपनियों का अच्छा कस्टमर बताकर ड्रा कूपन की स्कीम बताकर झांसे में लेते थे। कस्टमर के साथ सहमति होने पर उसका नाम पता इत्यादी पूछकर पते पर कोरियर से ड्रा कूपन के साथ फार्म भेजते। कूपन को स्क्रेच करते ही SUV कार, मारूती कार व बाइक निकलते ही कस्टमर उक्त नंबरों पर कॉल करता तो आरोपी टैक्स व प्रोसेंसिग फीस के नाम पर खाते में पैसे डलवाकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। अगर कोई कस्टमर प्राइज की जगह पैसे लेने की बात कहता तो आरोपी कागज कर विवरण अंकित कर एसबीआई बैंक की फर्जी मोहर लगाकर उसके पास वॉटसअप पर भेज देते और बैंक से राशि अप्रूवल होने की बात कहकर कस्टमर से 10 प्रतिशत टैक्स जमा करवाने की बात कहकर ठगी करते थे। उक्त गिरोह बिहार के पटना में बैठकर इस प्रकार से विभिन्न राज्यों में लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अजाम दे रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 14 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 18 सिम कार्ड, स्टेट बैंक की 2 फर्जी मोहर, 4 अन्य मोहर व नाम पते लिखे 304 लिफाफे व 900 लक्की ड्रा कूपन, 93 ऑफर फार्म व 5 नोट बुक (कापी) बरामद कर पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को सोमवार को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हें — दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से ठगी की राशि बरामद करने व गिरोह में शामिल फरार इनके साथी आरोपियों के ठीकानों का पता लगा पकड़ने का प्रयास करेंगी। आरोपियों से ऑनलाइन ठगी की और भी कॉफी सारी वारदातों का खुलासा होनें की संभावना है।

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