बच्चों को भी साइबर अपराध को लेकर सजग होने की जरूरत है : निधि गुप्ता
BOL PANIPAT :12 अक्तूबर 2022, आज टैक्नोलाजी के युग में बच्चों को भी साइबर अपराध को लेकर सजग होने की जरूरत है। कई बार छोटे बच्चे जानकारी के अभाव में ठगों के शिकार हो जाते हैं। अब बड़ों को ही नहीं बच्चों को भी सजग होना होगा। इस अपराध के संबंध में सावधानी बरतने की जरूरत है। उप पुलिस अधीक्षक संदीप व जिला बाल सरंक्षण अधिकारी निधि गुप्ता ने जिला में तैनात महिला पुलिसकर्मियों की बैठक लेकर इसको लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए।
हरियाणा पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशानुसार आमजन को साइबर क्राइम की घटनाओं से बचाने व ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में अक्टूबर महीने को साइबर क्राइम जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन आइपीएस के निर्देशानुसार जिला पुलिस में तैनात साइबर विशेषज्ञों की टीम द्वारा प्रतिदिन स्कूल, कालेजों में विद्यार्थियों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर आमजन को साइबर क्राइम बारे जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में उप पुलिस अधीक्षक संदीप ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता के साथ सयुक्त रूप से लघु सचिवालय के तृतीय तल पर पुलिस विभाग के सभागार में महिला पुलिस कर्मियों की मीटिंग लेकर बच्चों के साथ होने वाले निम्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे विशेष रूप से जानकारी सांझा करते हुए बताया कि बच्चे कई बार फोन में ऑनलाईन गेम खेलते हुए या सोशल मीडिया पर जानकारी अपलोड करते समय किसी भी लिंक पर क्लिक कर देते है। इससे साइबर ठग फोन का डाटा चोरी कर ठगी की वारदातों का अंजाम देते।
इंटरनेट की दुनिया जितनी उपयोगी है, उतनी ही जोखिम भरी भी है। यहां आप पलक झपकते कोई भी जानकारी पा सकते हैं, तो पलक झपकते ही आपका अकाउंट भी खाली हो सकता है। प्राइवेसी लीक होने का डर हमेशा बना रहता है। बच्चें साइबर क्रिमिनल के सबसे आसान शिकार हो सकते हैं, क्योंकि इनके पास टेक्नॉलजी की उतनी समझ नहीं होती। उनके पास आने वाले अभिभावकों को जागरूक करें की वे बच्चों को मोबाइल फोन सहित सोशल मिडिया पर ज्यादा समय व्यतीत ना करने दे।
आमजन को बताएं की वे जागरूक व सतर्क रहकर संभावित साइबर क्राइम की घटनाओं से बचें। साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 या 112 पर तत्काल कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करायें या भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से जिसका URL- https://cybercrime.gov.in है पर शिकायत करें। इसके अतिरिक्त मैनुअल रूप में नजदीकी थाने में जाकर थाने पर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क या साइबर क्राइम थाना पर भी शिकायत कर सकते हैं।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि साइबर ठग बच्चों के फोटो को भी एडिटींग कर शोशल मीडिया पर जारी करने की धमकी देते हुए बच्चों को ब्लैक मेल करते हैं। बच्चे डरते हुए कई बार उनके साथ घटित हुए इस प्रकार की वारदातों के बारे अभिभावकों को जानकारी नहीं देते और मानसिक व आर्थिक रूप से शोषण का शिकार सहते रहते हैं। किसी भी केस में पीड़ित बच्चों की अच्छी प्रकार से काउंसलिग करवाएं।

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