पीला पंजा चलाकर मनोज बाबा की पारिवारिक जमीन पर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया .
BOL PANIPAT : पानीपत शहर में मनोज बाबा की पारिवारिक जमीन पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने कार्यवाही करके निर्माण गिरा दिया। कार्यवाही के दौरान प्रशासनिक अमले के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। वहीं निर्माण गिराए जाने की सूचना मिलते ही मनोज बाबा के परिवार के कुछ सदस्य भी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने इस कार्यवाही को गलत ठहराया, मगर प्रशासन कर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी और पीला पंजा चलाकर फैक्ट्री और गोदाम को ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन के पीला पंजा पहुंचने की खबर मिलते ही मौके पर गैंगस्टर मनोज बाबा के भाई संजय बाबा पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने प्रशासन को कहा कि यह निर्माण मनोज का नहीं है। यह जगपाल और दिलबाग का निर्माण है। पत्रकारों से बातचीत में संजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्यवाही एक टारगेटिड कार्यवाही है।

अगर प्रशासन मनोज के नाम चढ़ी प्रॉपर्टी पर कार्यवाही करता तो हम उनके साथ खड़े होकर कार्यवाही करवाते । मगर जो प्रॉपर्टी या निर्माण उसके नाम है ही नहीं, उसे प्रशासन नाजायज़ तौर पर तोड़ रहा है। अगर तोड़फोड़ की कार्रवाई करनी ही है तो क्षेत्र के सभी अवैध निर्माण पर करें।

वहीं मामले की जानकारी देते हुए DTP धीरेंद्र सिंह ने बताया कि साल 2018 में खेती बाड़ी की इस जमीन पर मनोज बाबा के दो भाइयों जगपाल व दिलबाग पुत्र बलदेव सिंह ने अवैध रूप से निर्माण किया था। करीब 4 एकड़ की इस जमीन पर न केवल अवैध निर्माण किया, बल्कि फैक्ट्री व गोदाम भी बना दिए गए। जबकि सरकारी नियमों के अनुसार खेतीबाड़ी की जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इस संबंध में जगपाल व दिलबाग को दो बार नोटिस भी दिए जा चुके थे, जिसमें एक नोटिस कारण बताओ व दूसरा नोटिस अवैध निर्माण गिराने के संबंध में था , मगर मनोज बाबा व उसके दोनों भाइयों ने इस संपत्ति को खाली नहीं किया, न ही नोटिस के बारे में कोई जवाब दिया जिसके चलते दूसरे नोटिस के बाद आज निर्माण गिराने की कार्रवाई की गई।

जानकारी देते हुए DSP प्रदीप कुमार ने बताया कि मनोज बाबा सेक्टर 24 का रहने वाला है, जो पानीपत पुलिस का इनामी बदमाश भी है। उस पर निजी बस संचालकों से मारपीट करने, अवैध वसूली करने व लूटपाट करने जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है। उक्त मामले में मनोज बाबा पर 15 हजार का इनाम भी पानीपत पुलिस द्वारा रखा गया है। अभी वह पुलिस की गिरफ़्त से बाहर है।

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