एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय विशेष एनएसएस कैंप का रंगारंग समापन
राष्ट्र प्रेम, राष्ट्र के प्रति अनन्य निष्ठा और राष्ट्रहित जैसे गुण सच्चे एनएसएस कार्यकर्ता की पहचान: तुलसी सिंगला
सामाजिक सेवा को शिक्षा के साथ जोडऩा ही एनएसएस का मूलभूत सिद्धांत: पवन गोयल
एनएसएस स्वयंसेवकों ने फूलों और प्राकृतिक रंगों से होली खेलकर दिया पर्यावरण संरक्षण का सन्देश
BOL PANIPAT , 07 मार्च :
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र के एनएसएस पाठ्यक्रम के अनुसार 1 से 7 मार्च तक चले सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का रंगारंग और तत्वपूर्ण समापन हो गया. समापन समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि पवन गोयल प्रधान, मनोज सिंगला उप-प्रधान, तुलसी सिंगला जनरल सेक्रेटरी और विकुल बिंदल कोषाध्यक्ष ने शिरकत की और सभी 110 एनएसएस स्वयंसेवकों को सर्टिफिकेट वितरित किये. माननीय मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एनएसएस एवं वाईआरसी प्रभारी डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी, डॉ दीपिका अरोड़ा, डॉ एसके वर्मा, डॉ पवन सभरवाल और प्रो मनोज कुमार ने किया. कार्यकर्ताओं ने लोगों को बिना पानी और बिना कृत्रिम रंगों के होली मनाने के लिए प्रेरित किया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों और डीजे पर सामूहिक डांस के साथ शिविर अपने चर्मोत्कर्ष पर रहा जिसमे विविध व्यंजनों के स्टाल्स ने चार चाँद लगाए. एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वादिष्ट पकवानों का जमकर लुत्फ़ उठाया.
‘रंग बरसे भीगे चुनर वाली’, ‘बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी’, ‘होली खेले रघुवीरा ब्रज में’, ‘आज ना छोड़ेंगे बस हमजोली खेलेंगे हम होली’, ‘होलिया में उड़े रे गुलाल’, ‘जय जय शिव शंकर काँटा लगे न कंकर’, ‘बजा बजा बजा ढोल बजा’, ‘मारो भर भर कर पिचकारी’, ‘अरे जा रे हट नटखट’, ‘होली के दिन दिल खिल जाते है’, ‘होली खेले नंदलाल’ आदि गीतों पर एनएसएस स्वयं सेवकों ने अपने प्राध्यापकों समेत जमकर नृत्य किया और ठुमके लगाए. एकल और सामूहिक नृत्य, गीत और हास्य नाटिका के मंचन ने सभी के मन को मोह लिया.

तुलसी सिंगला जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि राष्ट्र प्रेम, राष्ट्र के प्रति अनन्य निष्ठा और राष्ट्रहित जैसे गुण सच्चे एनएसएस स्वयंसेवक की पहचान है. युवा वर्ग देश का भविष्य होने के साथ-साथ हमारे देश के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. भारत में युवाओं की संख्या अन्य देशों से अधिक और यहाँ की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या की आयु 35 वर्ष से कम है. सरकार का पूरा ध्यान युवाओं के माध्यम से विकास लाने पर केन्द्रित है. इसलिए युवाओं को भी चाहिए कि वे देश के विकास में अपना सक्रिय योगदान करें और केवल मात्र देश का एक हिस्सा बनकर न रहे. कॉलेज भी इसी दिशा में प्रयासरत है और युवाओं की क्षमताओं को पहचान कर उन्हें हर संभव अवसर प्रदान कर रहा है ताकि वे सशक्त बने और देश को भी मजबूत बनाएं. युवाओं के व्यक्तित्व में सुधार लाने, उनमें नेतृत्व के गुण विकसित करने एवं उनमें ज़िम्मेदार नागरिक के गुण और स्वयंसेवा की भावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से ही इस सात दिवसीय कैंप को कार्यान्वयित किया गया है. उन्हें उम्मीद है कि हर कार्यकर्ता कुछ न कुछ इस कैंप से सीखकर अवश्य जाएगा.
पवन गोयल प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना सामाजिक सरोकारों को निभाने में सबसे आगे रहती है. सामाजिक सेवा को शिक्षा के साथ जोडऩा ही एनएसएस का मूलभूत सिद्धांत है. गांवों की तस्वीर बदलनी हो या फिर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना हो ऐसे हर कार्य में बेमिसाल भूमिका निभाने का काम एनएसएस कर रहा है. कैंप का एक-एक प्रतिभागी स्वयंसेवक बधाई का पात्र है.
विकुल बिंदल कोषाध्यक्ष ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र के विकास के आधार होते हैं. वे राष्ट्र की सबसे ऊर्जावान इकाई हैं और इसलिए उनसे इस देश को बहुत उम्मीदें हैं. सही मानसिकता और क्षमता के साथ युवा राष्ट्र के विकास में योगदान कर सकते हैं और इसे आगे बढ़ा सकते हैं. युवा ऊर्जा से भरी नदी की तरह है जिसके प्रवाह को एक सही दिशा देने की आवश्यकता है और यही दायित्व इस सात दिवसीय कैंप ने निभाया है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश युवा शिक्षित है जो अपनी शिक्षा, बल तथा बुद्धि के बल पर देश की उन्नति करने में पूरी तरह समर्थ है. परन्तु देश में मानसिकता ऐसी बन गयी है कि रोजगार का अर्थ केवल सरकारी नौकरी करना रह गया. समय की मांग है कि देश की उन्नति के लिए युवा आगे आये और ऐसे कार्य करना शुरू करें जिसके परिणाम स्वरूप हमारे देश को लाभ हो तथा अन्य युवाओं को भी रोजगार मिले. हमारा देश आज भी दूसरे देशों के आयात पर निर्भर है. करोड़ों की संख्या में युवा होने के बावजूद भी हम अन्य बहुत सी वस्तुओ के निर्माण को नहीं कर पा रहे है और इस समस्या का निदान युवाओं के पास ही है.
डॉ राकेश गर्ग एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर ने सात दिवसीय कैंप की रिपोर्ट और उपलब्धियों पर बोलते हुए कहा कि कैंप में एसडी पीजी कॉलेज की 2 एनएसएस यूनिट के 110 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और ग्राम काबड़ी जाकर ग्रामीणों को वित्तीय स्वतंत्रता, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, जल संरक्षण, प्रदूषण और पर्यावरण संतुलन, कन्या भ्रूण हत्या, स्वच्छता, लैंगिक समानता, साक्षरता, परिवार कल्याण और पोषण, महिलाओं की स्थिति एवं इसके सुधार के उपाय, आपदा राहत तथा पुनर्वास, समाज में व्याप्त बुराईयाँ, डिजिटल भारत, कौशल भारत, योग आदि जैसे विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण दिया. गाँव में जागरूकता और साक्षरता के कई अभियान चला कर इन युवाओं ने राष्ट्र के निर्माण में अपना स्थान और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया किया है.
प्रतिमा बीए तृतीय ने सात दिवसीय कैंप के अनुभव का साझा करते हुए कहा कि उन्होनें कन्या भ्रूण हत्या, बेटी पढाओ, मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, पर्यावरण बचाओ, जल संरक्षण आदि कितने ही विषयों पर इस शिविर में सिखा है और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने का अवसर दिया है. उन्हें खुद पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है.
आर्यन सिंगला बीकॉम द्वितीय ने कहा कि उन्होनें कभी नहीं सोचा था कि उनमें इतनी क्षमता छिपी है. उन्होनें केवल मात्र मेरिट सर्टिफिकेट पाने के लिए इस शिविर में हिस्सा नहीं लिया है बल्कि वे वास्तव में समाज के वंचितों और समस्याओं से ग्रसित लोगों की मदद करना चाहते है. पढ़ा-लिखा युवा वर्ग आगे आकर दूसरों की मदद नहीं करेगा तो फिर कौन करेगा?
साहिल एमए अंग्रेजी ने कैंप में पायें अनुभवों और ज्ञान को बहुत ही प्रासंगिक बताया. उन्होनें कहा कि इन सात दिनों ने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन ला दिया है. पढ़ाई के साथ-साथ ऐसी गतिविधियाँ युवा के लिए अत्यंत लाभदायक होती है. विश्वविधालय और कॉलेज प्रबंधन दोनों ही बधाई के पात्र है कि उन्होनें इस प्रकार का पाठ्यक्रम युवा को उपलब्ध कराया है. वे आगे चलकर इसी क्षेत्र में कार्य करना चाहते है.

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