फसल अवशेष प्रबंधन योजना-पराली जलाने से होगा दोहरा नुकसान
इसराना के कई गांवों में पहुंची कृषि विभाग की प्रचारक वैन
BOL PANIPAT , 04 अक्तूबर। धान की कटाई के उपरांत किसानों को पराली जलाने से रोकने और इससे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूकता के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पानीपत की विशेष प्रचारक वैन मंगलवार को इसराना खंड के लगभग आधा दर्जन गांवों में पहुंची। यह प्रचारक वैन गांव परढाना, खलीला माजरा, बिजावा, शाहपुर व बांध सहित कई गांवों में गई और विशेष स्लोगनों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया।
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत विशेष प्रचारक वैन के साथ-साथ कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसानों को लगातार पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत कर रहे हैं जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। वैन के माध्यम से किसानों को सचेत किया गया कि अगर वे धान की कटाई के उपरांत पराली में आग लगाते हैं तो इससे न केवल वायु प्रदूषण होगा, बल्कि इससे भूमि में मौजूद मित्र कीट भी मारे जाते हैं जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा अगली फसल के लिए भी किसान को भूमि में अधिक खाद का प्रयोग करना पड़ता है, जिससे किसान पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ता है। जबकि पराली में आग लगाने को सरकार की मनाही है और जुर्माने का प्रावधान है तो इसमें भी किसान को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जानकारी से संबंधित सामग्री पंफलेट आदि भी वितरित किए जाते हैं।

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