गीता महोत्सव के अंतिम दिन दीपोत्सव का आयोजन किया गया
BOL PANIPAT , 4 दिसम्बर। गीता महोत्सव के अंतिम दिन जिले के सीक – पाथरी गांव में स्थित तिरखु तीर्थ पर रविवार देर सांय दीपोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें एडीसी वीना हुड्डा सहित एसडीएम वीरेन्द्र ढुल व विभिन्न समाजसेवियों सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।
इस अवसर पर एडीसी वीना हुड्डा ने कहा कि श्रीमदभागवत गीता जीवन जीने की सम्पूर्ण कला सिखाती है। गीता पूरे जिला में ही नही अपितु पूरे प्रदेश के साथ-साथ देश व विदेश में भी भारतीय संस्कृति का आगाज करती है। आज के समय में अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर गीता का पूरा प्रचार-प्रसार हो रहा है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि गीता महोत्सव में गीता के ज्ञान को आत्मसात करना चाहिए। यह स्वयं के व्यक्तित्व को निखारने के लिए बहुत बड़ी विधि बताती है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत है। उन्होंने गीता महोत्सव के कार्यक्रम को सम्पूर्ण करने में सभी संस्थाओं का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर एसडीएम वीरेन्द्र ढुल ने कहा कि गीता का संदेश जीवन में अपनाने से जीवन सुखमय होता है। उन्होंने कहा कि गीता हमारी संस्कृति, परम्परा और सभ्यता की सूचक है। इस अवसर पर मन्दिर समिति की तरफ़ प्रधान राजीव मलिक सहित ग्रामीण बिजेंद्र मलिक डा.विश्वपाल सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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