Thursday, October 22, 2026
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जनता की शिकायतों के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, अधिकारी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 22, 2026 Tags: , , , , ,

जनता समाधान शिविर में 14 शिकायतें दर्ज, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता दें अधिकारी, शिकायतकर्ता को मिले न्याय: एडीसी अंकित चौकसे

जनता की संतुष्टि ही प्रशासन की प्राथमिकता, हर शिकायत पर जवाबदेही के साथ करें कार्रवाई

BOL PANIPAT : 22 अक्टूबर। जिला सचिवालय सभागार में वीरवार को आयोजित जनता समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 14 शिकायतें दर्ज की गईं। शिविर में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि किसी भी नागरिक को अपनी जायज समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों को केवल दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण समाधान करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच करें, संबंधित तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करें और शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। आमजन को पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जनता समाधान शिविर नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारियों को चाहिए कि वे शिकायतों को पूरी गंभीरता से लें और प्रत्येक मामले में स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। शिकायतकर्ता को उसकी समस्या पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए, ताकि प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो।

एसडीएम मनदीप कुमार ने कहा कि आमजन की समस्याओं को सुनना और उनका उचित समाधान करना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण दायित्व है। प्रत्येक शिकायत के पीछे किसी नागरिक की वास्तविक परेशानी होती है, इसलिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी मामला बिना उचित कार्रवाई के लंबित न रहे। प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि नागरिकों को समय पर राहत मिले और उन्हें अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों में न आना पड़े।

सीईओ डॉ. किरण ने कहा कि संबंधित विभागों को शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए। प्रत्येक शिकायत की जांच तथ्यों के आधार पर करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर मामलों का समाधान निर्धारित समय में किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं की बात ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए और प्रत्येक मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई करनी चाहिए। शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि नागरिकों को प्रशासन से समय पर राहत मिल सके।

डीडीपीओ राजेश शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके की वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। विकास कार्यों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य समस्याओं से जुड़ी शिकायतों का नियमानुसार समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए शिकायतों की प्रगति की निगरानी करना जरूरी है, ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके।

इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार, निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी, सीईओ डॉ. किरण, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, जिला रोजगार अधिकारी रितु चहल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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