नौकरी से हटाने पर किया प्रदर्शन
BOL PANIPAT : कोरोना काल की शुरूआत में कोविड 19 सैंपलिंग के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। नौकरी से हटाए जाने पर उन्होंने रविवार को प्रदर्शन किया।कर्मचारियों का कहना है कि यह आदेश सीएमओ द्वारा दिए गए हैं। उन्होंने करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया व ग्रामीण विधायक के साथ-साथ शहरी विधायक जिला उपायुक्त व पानीपत की मेयर के सामने भी अपनी समस्याएं रखी, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। स्वास्थ्य विभाग के इन आदेशों के कारण कोरोना जांच लैब का कार्य बंद हो गया है। आम जनता के समक्ष कोरोना जांच कराने की विकट समस्या आनी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि 2 साल अपनी जान जोखिम में डालकर दिन रात काम किया और अब उन्हें कार्यभार से 1 अप्रैल के बाद मुक्त कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि हम पिछले 2 सालों में लगभग 4 लाख लोगों की जांच कर चुके हैं। हमनें सरकार द्वारा दिए गए प्रत्येक कार्य को सुचारू रुप से किया। जनता की सेवा में अपने परिवार, बच्चों की परवाह किए बिना ही अपना कार्य पूरी लगन से किया और यह कार्य करते हुए हमारे कुछ साथी भी कोरोना से पीड़ित हुए।
सभी लोग एनएचएम के तहत कार्य कर रहे थे और उन्हें एनएचएम के कोविड-19 बजट से वेतन मिलता था। लेकिन अब उनकी सेवाएं बंद कर दी गई। जिसको लेकर अब कर्मचारी 11 अप्रैल को जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

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