एचआईवी की रोकथाम के लिए विभाग आपसी समन्वय से बढ़ाएं जागरूकता और जांच का दायरा : अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे
हर गर्भवती महिला की एचआईवी व सिफलिस जांच सुनिश्चित करने पर जोर, 1097 हेल्पलाइन की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश
एचआईवी टास्क फोर्स की बैठक में स्क्रीनिंग बढ़ाने, उपचार और गोपनीय जानकारी उपलब्ध करवाने पर हुआ मंथन
युवा क्लबों, औद्योगिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों को एचआईवी जागरूकता अभियान से जोडऩे की पहल
BOL PANIPAT , 22 सितंबर। जिला में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच एवं उपचार के संबंध में आमजन को अधिक से अधिक जागरूक करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में एचआईवी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एचआईवी की रोकथाम को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए विभिन्न विभागों, युवा क्लबों, औद्योगिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि एचआईवी की रोकथाम के लिए जागरूकता, समय पर जांच और उपचार तक पहुंच तीनों स्तरों पर एक साथ प्रभावी ढंग से कार्य करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करें कि एचआईवी से संबंधित सही एवं प्रमाणित जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, ताकि लोगों में किसी प्रकार की भ्रांति या डर न रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि एचआईवी की जांच और उपचार से जुड़ी जानकारी को गांवों, शहरी क्षेत्रों, कार्यस्थलों, शिक्षण संस्थानों और युवाओं तक पहुंचाने के लिए विभाग अपनी गतिविधियों को और व्यापक बनाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की एचआईवी और सिफलिस की जांच को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही विभिन्न विभाग अपने स्तर पर यह भी देखें कि उनके संपर्क में आने वाले लोगों को एचआईवी की जांच, परामर्श और उपचार सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सके।
बैठक में एचआईवी स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने विचार किया कि किस प्रकार अधिक से अधिक लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया जा सकता है और एचआईवी जांच एवं उपचार से संबंधित सही जानकारी हर वर्ग तक पहुंचाई जा सकती है। इसके अलावा सामाजिक संगठनों और कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के माध्यम से मिलने वाले सहयोग को भी इस अभियान में शामिल करने पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में एड्स के संबंध में प्रशिक्षित करने तथा वर्ष में कम से कम दो बार जागरूकता गतिविधियां आयोजित करवाने के निर्देश दिए गए। इनमें जागरूकता रैलियां, प्रश्नोत्तरी, स्लोगन एवं भाषण प्रतियोगिताएं सहित अन्य गतिविधियां शामिल की जा सकती हैं।
औद्योगिक एवं अन्य संस्थानों के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ऐसे कारखानों, संस्थानों और कार्यस्थलों की सूची तैयार करने पर चर्चा हुई, जहां कर्मचारियों के लिए एचआईवी, एड्स संबंधी जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। संबंधित संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को आवश्यक परामर्श और जांच के लिए प्रेरित करने तथा प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षुओं को भी उनके प्रशिक्षण के दौरान एचआईवी/एड्स से संबंधित जानकारी देने पर बल दिया गया।
रेडक्रॉस प्रोजेक्ट मैनेजर सुदेश ने कहा कि एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ रेडक्रॉस और अन्य सामाजिक संस्थाएं लगातार सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सही जानकारी ही एचआईवी से बचाव का मजबूत माध्यम है। लोगों तक प्रमाणित जानकारी पहुंचाने, जरूरतमंदों को जांच एवं उपचार सेवाओं से जोडऩे और गोपनीयता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक में परिवहन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय कैडेट कोर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, बैंकर्स, जिला कारागार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग, उद्योग विभाग सहित अन्य विभागों एवं संस्थाओं को टास्क फोर्स से जोडऩे के संबंध में सुझावों पर विचार किया गया।
सीएमओ विजय मलिक ने कहा कि एचआईवी से संबंधित गतिविधियों में विभागों और संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जाए, ताकि आगामी बैठकों में इसकी समीक्षा की जा सके और जरूरत के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जा सके।
बैठक में एचआईवी से संबंधित प्रचार सामग्री में तकनीकी रूप से सही जानकारी का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में यह भी बताया गया कि एचआईवी से संबंधित सही और गोपनीय जानकारी प्राप्त करने के लिए 1097 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।
डॉक्टर लाभ सिंह ने आमजन से अपील की कि एचआईवी से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अप्रमाणित स्रोतों पर निर्भर रहने के बजाय अधिकृत माध्यमों से जानकारी प्राप्त करें। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. विजय मलिक, डॉ. लाभ सिंह, रेडक्रॉस प्रोजेक्ट मैनेजर सुदेश, डॉ. पवन, डीपीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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