Tuesday, February 10, 2026
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स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आगे आएं शैक्षणिक व उद्योगिक संस्थान : पवन जिंदल

By LALIT SHARMA , in Politics , at March 22, 2022 Tags: , , , , ,

कोरोना काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी 3821 स्थानों पर बढ़ा संघ का काम. हरियाणा में भी निरंतर बढ़ रहा है संघ का काम

BOL PANIPAT । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक पवन जिंदल ने कहा कि हरियाणा में संघ का कार्य निरंतर बढ़ रहा है। वर्ष 2021 देशभर में 34559 स्थानों पर पूरे भारत में संघ का कार्य चल रहा था जो इस वर्ष 2022 तक यह कार्य बढ़कर 38390 स्थानों तक पहुंच गया है। कोरोना काल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी 3821 से अधिक स्थानों पर संघ का कार्य बढ़ा है। भारत वर्ष में 38390 स्थानों पर 60929 शाखाएं लगती हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 5367 स्थानों पर शाखाओं की बढ़ोतरी हुई है। पवन जिंदल सोमवार को पानीपत में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख राजेश कुमार भी मौजूद रहे।

प्रांत संघचालक पवन जिंदल ने कहा कि संघ के काम को बढ़ाने के लिए 20681 स्थानों पर साप्ताहिक मिलन व 7923 स्थानों पर मासिक मिलन का आयोजन होता है। बाद में इन सभी को धीरे-धीरे दैनिक शाखा में परिवर्तित करने का प्रयास रहता है। नए स्थान पर मासिक मंडली, फिर साप्ताहिक मिलन और फिर शाखा शुरु की जाती है।  इसी तरह हरियाणा में 748 स्थानों पर 1245 शाखाएं लगती हैं।

हरियाणा में कुल 851 मंडल हैं। इनमें 718 मंडल संघ कार्य युक्त हैं बाकि अन्य मंडलों पर भी संघ का कुछ न कुछ कार्य चल रहा है। इस प्रकार हरियाणा में भी निरंतर संघ का कार्य बढ़ रहा है। सभी मंडलों, खंडों, वार्डों व बस्तियों तक संघ का कार्य पहुंचाना संघ का लक्ष्य है और इसके लिए संघ प्रयासरत है। शाखाओं के माध्यम से एक संस्कारित व्यक्ति का निर्माण करना ही संघ का उद्देश्य है। पवन जिंदल ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना काल में व्यवस्था पूर्वक कोरोना के संकट को संभालने के लिए पूर्णता सफल रहा है।

लेकिन कोरोना के कारण देश में बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हुई है। क्योंकि कोरोना के कारण बहुत से उद्योग-धंधे बंद हो गए हैं। प्रत्येक व्यक्ति कोरोना के कारण प्रभावित हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में देश के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में गहन चिंतन हुआ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सभी सामाजिक, शैक्षणिक व औद्योगिक संस्थाओं से अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का आह्वान करता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी सीमित हैं, जो देश के प्रत्येक व्यक्ति तक उपलब्ध नहीं हो सकती। इसलिए लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कौशल विकास के तहत स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्राचीन काल में ग्रामीण क्षेत्र में हस्तशिल्प के जो काम होते थे, उनको बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। भारतीय मूल,पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ऐसे रोजगार को बढ़ावा दिया जाए जहां ज्यादा से ज्यादा लेबर की जरुरत हो।

देश को बेरोजगारी की स्थिति से उबरने के लिए सामाजिक संस्था, धार्मिक संस्थाओं व औद्योगिक इकाइयों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए संपर्क साधा जाएगा। महिलाओं के द्वारा जैसे हस्तशिल्प, बुनकर तथा कला के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए स्किल डेवलपमेंट में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विभिन्न प्रयोग किए जा रहे हैं और बढ़ाये जाएंगे।

भारतीय परिवेश को ध्यान में रखते हुए श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने तथा उन्हें कुटीर स्तर तक लाने का प्रयास करना इस प्रस्ताव में पारित हुआ। सभी शिक्षित व अशिक्षित लोगों को एकत्रित कर देश की प्रगति में सबका साथ सबका सहयोग लेकर आगे बढऩा ऐसा निश्चित हुआ है।

सवाल-जवाब

पवन जिंदल ने एक सवाल के जवाब में बताया कि संघ सभी वर्गों को साथ लेकर चलता है। सभी को एक समान मानता है। कोविड-19 के समय में भी शाखा ऑनलाइन चलती रही हैं। संघ संस्कार शाला के रूप में कार्य करता है। संघ में कार्य की गुणवत्ता हेतु वर्ग लगाए जाते हैं।  नए लोगों के लिए साल में दो-दो वर्ग भी लगते हैं। पहले यह जिला स्तर तक होता था, अभी यह वर्ग खंड आधारित भी लगने प्रारंभ हो गए हैं। इसी वर्ष 13 से 17 मार्च तक विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों का समालखा सेवा साधना केंद्र में एक वर्ग लगा। समय अनुसार रात्रि व सायं, प्रभात की शाखाएं लगती हैं।

समाज में संघ को लेकर राजनीतिक प्रश्न का उत्तर देते हुए  पवन जिंदल ने बताया अनेकों पार्टियां होने के बाद भी संघ अभी तक गैर राजनीतिक संगठन है। संघ ने कभी भी अपने को किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं जोड़ा है। केवल सेवा कार्य ही संघ की पूंजी हैं। सभी नागरिक 100 प्रतिशत वोट करने हेतु भागीदारी करें ऐसा संघ का प्रयास है। संघ में स्वच्छता, सुचिता के आचरण का विशेष ध्यान रखा जाता है।  1948 में महात्मा गांधी के वध के मिथ्या आरोप लगाकर 90 हजार से ज्यादा स्वयंसेवकों को जेलों में बंद कर दिया और संघ पर बैन लगा दिया गया। बाद में सरदार पटेल द्वारा स्थापित कपूर आयोग की रिपोर्ट के आधार पर संघ को आरोप मुक्त किया गया। इसके बाद इलाहाबाद के हाईकोर्ट के फैसले के कारण 1975 में एमरजेंसी देश पर ठोक दी गई और संघ पर फिर से बैन लगा दिया गया। पवन जिंदल ने कहा कि लाखों लोग समय-समय पर परिस्थिति अनुसार संघ के साथ जुड़ते रहे हैं और प्रभावित होते हैं।  

 उन्होंने कहा कि 2025 तक संघ  कार्य का सघन विस्तार होगा। पत्रकार देश और समाज का चौथा स्तंभ है। मीडिया को अपनी भागीदारी ओर सक्रिय रूप से निभानी चाहिए ऐसी अपेक्षा संघ पत्रकारों से करता है।

प्रतिनिधि सभा के पश्चात संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने अपने वक्तव्य में कहा कि सम्पूर्ण देश के नागरिक, संस्थाएं अमृत महोत्सव में बढ़ चढ़ कर भाग लें। उसी बारे में प्रांत प्रचार प्रमुख राजेश कुमार ने बताया कि भारत में कभी किसी एक विदेशी शासक का संपूर्ण राज्य स्थापित नहीं हो पाया।

अलग-अलग क्षेत्रों में निरंतर संघर्ष चलता रहा। 1947 में हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई और इस वर्ष 75वीं वर्षगांठ पर आजादी का अमृत महोत्सव पूरे भारतवर्ष में मनाया जा रहा है। हरियाणा से भी हजारों लोगों ने इस स्वतंत्रता हेतु बलिदान दिया। इन सभी प्रसंगों का संकलन कर समाज के सामने लाने का प्रयास विभिन्न लोग कर रहे हैं।  संघ अंतिम छोर पर रहने वाले हर भारतीय नागरिक तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है।

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