पाइट में एजुलीडर्स समिट- 45 स्कूलों के प्रिंसिपलों ने साझा किए अनुभव
-पैनल डिस्कशन में बच्चों को स्किल एजुकेशन पर फोकस, रचनात्मकता है महत्वपूर्ण
समालखा : पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पाइट) में दो दिवसीय एजुलीडर्स समिट 4.0 का आयोजन किया गया। समिट में 45 स्कूलों के प्रिंसिपलों ने भाग लिया। शिक्षा में नवीनता व रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर अपने अनुभव साझा किए।
पाइट के निदेशक प्रोफेसर डॉ. शक्ति कुमार ने इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन 4.0 और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे नवाचार और रचनात्मकता राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एजुलीडर समिट में अंबाला, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हाथरस, हिसार, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, रोहतक व कैथल जिलों के प्रिंसिपलों ने भाग लिया।
इसके बाद सतत भविष्य के निर्माण में शिक्षा की भूमिका विषय पर पैनल डिस्क्शन हुआ। इसका संचालन साइबर सिक्योरिटी विभाग की अध्यक्ष डॉ. शक्ति अरोड़ा ने किया। डॉ. विकास त्यागी ने डिजाइन थिंकिंग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कैसे डिजाइन थिंकिंग को कक्षा में लागू करके छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ा सकते हैं। विकास नैन ने नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म जैसे लिंक्डइन का उपयोग कर करियर में सुधार के तरीके बताए।
डॉ. राधा सिंह ने एजुकेशन 2030 एजेंडा पर विचार रखे। इस दौरान स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के विजेताओं ने भी अनुभव साझा किए। राउंडटेबल चर्चा में शिक्षकों ने भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक व्यवहार में सुधार पर जोर दिया। इसे ऋतु बेदी और गौरव कपूर ने संचालित किया। पाइट के सचिव सुरेश तायल ने कहा कि हर बच्चा विशेष होता है। उसके अंदर असीम संभावनाएं होती हैं। शैक्षिक जगत के लिए यह समिट एक मील का पत्थर साबित होगा। मंच पर प्रिंसिपलों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर चेयरमैन हरिओम तायल, बोर्ड सदस्य शुभम तायल, डीन डॉ.जेएस सैनी, डीन डॉ.बीबी शर्मा भी मौजूद रहे।
पाइट बना है सेंटर
पाइट को स्किल हब सेंटर बनाया गया है। देशभर के प्रिंसिपल एजुलीडर समिट में भाग लेते हैं। यहां पर स्किल एजुकेशन और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर चर्चा होती है। स्कूलों में बच्चों की स्किल को कैसे बढ़ाया जा सकता है, यह बताया जाता है। भविष्य की शिक्षा को लेकर भी मंथन होता है।

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