आमजन को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता. जनता की शिकायतों के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा.
जनता की शिकायतों को गंभीरता से लें अधिकारी: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
मंत्री रणबीर गंगवा ने 13 शिकायतों पर लिया संज्ञान, अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर
प्लॉट विवाद से धोखाधड़ी और जलापूर्ति तक, कष्ट निवारण समिति के एजेंडे में उठे जनहित के मुद्दे
BOL PANIPAT , 29 अक्टूबर। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक बृहस्पतिवार को जिला सचिवालय सभागार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के एजेंडे में कुल 13 शिकायतों में से 6 का समाधान किया गया व 7 को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
बैठक में मुख्य रूप से भूमि एवं प्लॉट विवाद, कॉलोनी में रजिस्ट्री नहीं होने, फाइनेंसर द्वारा मकान का कब्जा नहीं छोडऩे, टीडीआई सिटी और द एड्रेस सोसायटी से संबंधित समस्याएं, धोखाधड़ी, पुलिस कार्रवाई, भूमि मुआवजा, बिजली निगम के कर्मचारी के बकाया वेतन एवं अन्य लाभ, गली पर अवैध कब्जा, दुकानों की जलापूर्ति बंद होने तथा पैतृक भूमि के बंटवारे से संबंधित मामले शामिल थे। मंत्री ने उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और मामलों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। एजेंडे में पिछली बैठक की लंबित शिकायतों के साथ नई शिकायतें भी शामिल की गई हैं।
मंत्री रणबीर गंगवा का सख्त संदेश रहा कि जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। जनता को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनकर उनका उचित समाधान करना चाहिए। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चार करोड लोगों को आवास प्रदान किए गए हैं उन्होंने कहा कि पानी की जांच के लिए हर जिले में लैब बनाए गए हैं। सचिवालय पहुंचने पर उपायुक्त डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ ने मंत्री का बुके देकर स्वागत किया वह आश्वासन दिया कि प्रशासन और गंभीरता से शिकायतों के समाधान पर कार्रवाई करेगा।
मंत्री ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए गंभीरता से सुना।
मद नंबर 1 में महेंद्र सिंह का भूमि की शेष मलकियत से संबंधित मामला था।
शिकायतकर्ता महेंद्र सिंह निवासी गांव अलीपुर खालसा, जिला करनाल ने भूमि की शेष मलकियत से संबंधित शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, पानीपत के इंसार क्षेत्र में खसरा नंबर 4668/1 के अंतर्गत कुल 14 बीघा 5 बिस्वा जमीन थी। इसमें से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-18, पानीपत के लिए 13 बीघा 5 बिस्वा भूमि अधिग्रहित की थी। शिकायत में शेष एक बीघा भूमि की मलकियत के संबंध में कार्रवाई की मांग की गई है। यह मामला संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पानीपत से संबंधित है। इसका मौके पर मंत्री ने समाधान किया।
मद नंबर 2 में रामफुल ने प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं होने की शिकायत की थी।
शिकायतकर्ता रामफुल निवासी परशुराम कॉलोनी ने शिकायत में कहा है कि उन्होंने मनीष शर्मा नामक डीलर से प्लॉट खरीदे थे। शिकायत के अनुसार, कॉलोनी में लगभग 60 मकान बने हुए हैं और सभी खरीदार पूरी राशि का भुगतान कर चुके हैं। आरोप है कि मनीष शर्मा ने राधा कॉलोनी में प्लॉटिंग की थी, लेकिन अब प्लॉटों की रजिस्ट्री करवाने से मना कर रहा है। कॉलोनीवासी रजिस्ट्री करवाने की मांग कर रहे थे। यह पिछली बैठक की लंबित शिकायत थी और जिला राजस्व अधिकारी, पानीपत से संबंधित है। इसको सुनवाई के बाद अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
मद नंबर 3 में मूर्ति ने फाइनेंसर पर मकान का कब्जा नहीं छोडऩे का आरोप लगाया था।
शिकायतकर्ता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि फाइनेंसर द्वारा ब्याज पर दी गई मूल राशि से अधिक रकम वसूलने के बावजूद उनका मकान खाली नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता ने मकान का कब्जा वापस दिलवाने की मांग की थी। यह पिछली बैठक की लंबित शिकायत है और पुलिस अधीक्षक, पानीपत से संबंधित थी। इसका प्रशासन खास तौर पर उपायुक्त डॉक्टर हरीश और पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण के सहयोग से समाधान किया गया।
मद नंबर 4 में टीडीआई सिटी में बिल्डर की कथित अनियमितताओं का मामला था।
टीडीआई सिटी के निवासी विनोद टंडन ने बिल्डर द्वारा कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायत की थी। यह पिछली बैठक की लंबित शिकायत थी। मामले में अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम, पानीपत; जिला नगर योजनाकार, पानीपत; अधीक्षण अभियंता, यूएचबीवीएन, पानीपत; कार्यकारी अभियंता (सब अर्बन), यूएचबीवीएन, पानीपत तथा उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), से संबंधित कार्रवाई अपेक्षित थी। इस शिकायत को गंभीरता से सुनवाई के बाद अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
मद नंबर 5 में द एड्रेस सोसायटी में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख था।
द एड्रेस सोसायटी, सेक्टर-23, उग्रा खेड़ी, के निवासी रवि अग्रवाल और हरमीत सिंह ने बिल्डर एवं सोसायटी प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में किए गए वादों को पूरा नहीं करने, बुनियादी ढांचे में गंभीर कमियों और सुरक्षा संबंधी खतरों का आरोप लगाया गया है। यह पिछली बैठक की लंबित शिकायत थी और जिला नगर योजनाकार (पी.), पानीपत से संबंधित थी। इसका मंत्री ने प्रशासन के सहयोग से मुख्य पर समाधान किया।
मद नंबर 6 में सुनवाई हुई। धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग।
शिकायतकर्ता विजय कुमार निवासी गली नंबर 08, सीआईएसएफ रोड, विकास नगर (एनएफएल) ने चार वर्ष पूर्व हुई कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत की सुनवाई आगामी कष्ट निवारण समिति की बैठक में करवाने की मांग की है। यह पिछली बैठक की लंबित शिकायत है और पुलिस अधीक्षक, पानीपत से संबंधित है। मंत्री ने इस मामले पर जांच करवाने के निर्देश दिए। इस को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया।
मद नंबर 7 : इसराना में भूमि मुआवजे से संबंधित शिकायत रही।
शिकायतकर्ता हेमराज निवासी गांव इसराना, ने एनएच-71-ए, वर्तमान एनएच-709, रोहतक-पानीपत खंड में भूमि मुआवजे से संबंधित शिकायत की थी। शिकायत में इसराना तहसील के अंतर्गत अधिसूचना की धारा 3ए के तहत छूटी हुई भूमि के मुआवजे की मांग की गई थी। यह बैठक की नई शिकायत थी और जिला राजस्व अधिकारी, पानीपत से संबंधित थी ।इसको सुनवाई के बाद अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।

मद नंबर 8
शिकायतकर्ता मांगे राम निवासी गांव चुलकाना, तहसील समालखा ने अपने भाई स्वर्गीय करता राम के बकाया वेतन और अन्य सेवा लाभ दिलवाने की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, स्वर्गीय करता राम बिजली निगम में कार्यरत थे। उनके बकाया वेतन एवं अन्य लाभ उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक के स्तर पर लंबित होने का उल्लेख किया गया है। यह नई शिकायत है और अधीक्षण अभियंता, यू एचबीवीएन, पानीपत से संबंधित है। इसका सुनवाई के बाद समाधान किया गया।
मद नंबर 9 में
शिकायतकर्ता राजेंद्र निवासी गांव बिहौली ने अपनी शिकायत में गली पर अवैध कब्जा हटवाने के लिए कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था। यह नई शिकायत थी और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, पानीपत से संबंधित थी। इसमें सुनवाई के बाद अगली बैठक के लिए पेंडिंग रहक गया।
मद नंबर 10 में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप थे।
शिकायतकर्ता कोमल कोचर निवासी वार्ड नंबर 11 ने कथित धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने और जान से मारने की धमकियां देने के मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसमें सुनवाई के बाद अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
मद नंबर 11 में पानीपत टाउन सेंटर के दुकानदारों ने जलापूर्ति बहाल करवाने की मांग की थी।
पानीपत टाउन सेंटर के दुकानदारों ने पानी की आपूर्ति बंद किए जाने की शिकायत की थी। यह नई शिकायत थी और जिला नगर योजनाकार (पी.), पानीपत से संबंधित थी। इस पर संज्ञान लेते हुए इसको अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
मद नंबर 12 में
शिकायतकर्ता सुरभी बजाज और विभा बजाज निवासी गांव पट्टी कल्याना ने पैतृक भूमि के कथित गलत बंटवारे और अनुचित कब्जे की शिकायत की थी। शिकायतकर्ताओं ने अपने हक की भूमि दिलवाने के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग की है। यह नई शिकायत है और जिला राजस्व अधिकारी, पानीपत से संबंधित थी। इसका मौके पर समाधान किया गया।
मद नंबर 13 में
शिकायतकर्ता मोहिंद्र वासी सेक्टर-18 ने प्लॉट पर निर्माण नहीं होने और तीसरे पक्ष द्वारा कथित रूप से अवैध हस्तक्षेप किए जाने की शिकायत की थी। यह नई शिकायत थी और संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से संबंधित रही। इसका मौके पर सुनवाई कर समाधान किया गया। इस मौके पर शहरी विधायक प्रमोद विज, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, निगम आयुक्त डॉ पंकज, एडीसी अंकित चौकसे, पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार एसडीएम इसराना नवदीप नैन, ईओ प्रतीक हुड्डा,
नगराधीश टीनू पोसवाल, डीएसपी विकास चहल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीआरओ कनव लाकड़ा आदि मौजूद रहे।

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