डीसी और निगम आयुक्त ने हरियाणा चैंबर ऑफ़ कॉमर्स पानीपत एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले सुनी विभिन्न औद्योगिक संगठनों की समस्याएं।
औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक में डीसी ने समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश।
जिला प्रशासन और औद्योगिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति।
डीसी डॉ हरीश वशिष्ठ की अपील, सभी इंडस्ट्रीज अपनी स्वयं की भी एसओपी बनाएं, ताकि कोई अनहोनी ना हो और समय पर रहते उस पर काबू पाए जा सके।
BOL PANIPAT : 9 सितंबर– डीसी डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में बुधवार को जिमखाना क्लब में जिला स्तरीय औद्योगिक संगठनों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा उद्योगों के लिए बेहतर एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
डीसी डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि उद्योग किसी भी जिले की अर्थव्यवस्था, रोजगार और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि उद्यमियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े तथा उनकी समस्याओं का निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में औद्योगिक संगठनों द्वारा सड़क, बिजली, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, जल निकासी, अग्निशमन व्यवस्था, प्रदूषण नियंत्रण, सहित विभिन्न मुद्दे डीसी के समक्ष रखे गए।
उन्होंने संबंधित विभागों अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं के समाधान में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता है, उनका आपसी तालमेल के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा मौके पर जाकर समस्याओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए। उद्योगों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक शिकायत की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
डीसी डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने उद्योग प्रतिनिधियों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा, श्रम कानूनों के अनुपालन तथा सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी औद्योगिक संस्थान अपनी स्वयं की भी एसओपी बनाएं ताकि किसी भी घटना की अनहोनी ना हो और समय रहते उस पर काबू भी पाया जा सके। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों को दी जाने वाली सुविधाओं के सरलीकरण को लेकर स्वयं इस पर काम कर रही है। निवेश प्रस्तावों, लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), अनुमतियों एवं अन्य विभागीय प्रक्रियाओं को नियमानुसार सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया गया है। नए उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार के मामलों में उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
डीसी डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे भी प्रशासन के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और अपनी समस्याओं एवं सुझावों को उचित माध्यम से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निगम आयुक्त डॉ पंकज यादव ने कहा कि औद्योगिक संगठनों को निगम की ओर से कोई भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। कार्यक्रम में पहुंचने पर विभिन्न औद्योगिक संगठनों ने उपायुक्त के साथ-साथ सभी प्रशासनिक अधिकारियों का धन्यवाद भी किया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से औद्योगिक संगठनों को बल मिलता है और ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे। उपायुक्तने आश्वस्त किया कि औद्योगिक संगठनों को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, नगराधीश टीनू पोसवाल, निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी, हरियाणा चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रधान विनोद धमीजा,ललित गोयल, विनोद खंडेलवाल,संदीप जिंदल,श्री भगवान अग्रवाल,राजेंद्र खुराना,रमेश वर्मा,भीम राणा,विभु पालीवाल,राजीव अग्रवाल इत्यादि उपस्थित रहे।

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