आर्य पीजी कॉलेज में शहीद भगत सिंह जयंती पर हुआ विस्तार व्याख्यान का आयोजन
भगत सिंह के विचारों को आत्मसात करें युवा: डॉ. राजेश कुमार
BOL PANIPAT , सोमवार 29 सितंबर 2026, आर्य पीजी कॉलेज में सोमवार को इतिहास एवं राजनीतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शहीद भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. राजेश कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के अधिवक्ता डॉ. राममोहन राय ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भगत सिंह के जीवन, संघर्ष, विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम के आरंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता एवं उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय सिंह को विशेष रूप से बधाई दी और विभाग के प्रयासों की सराहना की।
मुख्य वक्ता डॉ. राजेश कुमार ने शहीद भगत सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भगत सिंह को केवल एक क्रांतिकारी के रूप में देखना उनके व्यापक व्यक्तित्व को सीमित करना होगा। वे एक गंभीर अध्येता, चिंतक, विचारक और जागरूक युवा थे, जिन्होंने अपने समय की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं को केवल त्याग और बलिदान की प्रेरणा ही नहीं देता, बल्कि उन्हें तर्कशील बनने, प्रश्न पूछने, पढ़ने और समाज की परिस्थितियों को समझने की सीख भी देता है। भगत सिंह ने युवावस्था में ही विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक विचारधाराओं का अध्ययन किया और देश तथा समाज के भविष्य को लेकर गंभीर चिंतन किया। आज के युवाओं को उनके विचारों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और साथ ही उनके जीवन से अध्ययनशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा लेनी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि डॉ. राममोहन राय ने कहा कि भगत सिंह का जीवन साहस, संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को भगत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेते हुए संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने मुख्य वक्ता डॉ. राजेश कुमार एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. राममोहन राय का कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके विचारों से विद्यार्थियों को शहीद भगत सिंह के जीवन एवं विचारों को व्यापक संदर्भ में समझने का अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह का जीवन और उनके विचार देश की युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेंगे। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में इस प्रकार के विस्तार व्याख्यान विद्यार्थियों को इतिहास के महत्वपूर्ण प्रसंगों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का अध्ययन केवल अतीत की घटनाओं को याद करने के लिए नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने और भविष्य की दिशा तय करने के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास को प्रमाणों और तथ्यों के आधार पर समझने तथा महान व्यक्तित्वों के विचारों का गंभीर अध्ययन करने का आह्वान किया।
वहीं, उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने कहा कि इतिहास केवल बीते हुए समय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने की दृष्टि प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण विषय है। भगत सिंह का जीवन विद्यार्थियों को अध्ययन, साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के जीवन और विचारों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय सिंह ने कहा कि इतिहास विभाग का प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय जानकारी तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तित्वों के सामाजिक एवं राजनीतिक संदर्भों से भी परिचित करवाया जाए। ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति रुचि पैदा करने के साथ-साथ उन्हें अपने अतीत को समझने और वर्तमान के प्रति सजग रहने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर में डॉ. मीनल तालस, डॉ. संदीप, डॉ. दीपक, डॉ. ललित, प्राध्यापक अजय, दीपक बत्रा, प्राध्यापिका खुशबू व अंजू सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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