एसडी पीजी कॉलेज बना कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र हैंडबॉल (पुरुष) का जोनल चैंपियन
–कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर-जोनल हैंडबॉल टूर्नामेंट के लिए किया क्वालीफाई
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय जोनल हैंडबॉल (पुरुष) टूर्नामेंट जीतकर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय जोनल टूर्नामेंट पर कब्ज़ा करते हुए इंटर जोनल टूर्नामेंट के लिए कवालीफाई कर लिया. पुरुष टीम में अमन मालिक, सचिन, सोमवीर, दिव्य, दीपक, अंकित साहिल, सौरभ और अमन (बतौर कीपर) शामिल रहे. कॉलेज कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो गीता मलिक, कोच शरीफ, ग्राउंडसमैन प्रताप और अन्य स्टाफ सदस्यों ने सभी खिलाडियों को बधाई दी और उनकी मेहनत को सराहा. विदित रहे ही कल ही कॉलेज की महिला सॉफ्टबॉल टीम ने भी जोनल टूर्नामेंट जीतकर इंटर-जोनल में अपना स्थान पक्का किया था.
एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने जोनल टूर्नामेंट जीतने पर पर सभी खिलाड़ी छात्रों को बधाई दी और कहा की खेलों से न सिर्फ हमारा शारीरिक विकास होता है बल्कि हमारी इम्यूनिटी के लिए भी खेल बहुत फायदेमंद हैं. खेल की भावना, धैर्य, सहनशीलता, टीम में कार्य करना, आपसी समन्वय जैसे कितने ही सकारात्मक गुण खिलाडियों में पैदा होते है जो बाद में जीवन में बहुत काम आते है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कॉलेज की पुरुष हैंडबॉल टीम के खेल और मेहनत की तारीफ़ करते हुए उन्हें इंटर-जोनल में भी अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया. उन्होनें कहा की जो छात्र-छात्राएं खेलों में भाग लेते है उनमें सामाजिक कौशल का बहुत अच्छा विकास होता है. टीम वर्क का गुण भी खेलों से विकसित होता है. खेल मस्तिष्क के विकास में भी सहायक है.
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने हैंडबॉल के खेल पर प्रकाश डालते हुए कहा की यह खेल यूरोप के उत्तरी क्षेत्रों में विशेष रूप से जर्मनी और स्कैंडिनेविया में उन्नीसवीं शताब्दी के अंत के आसपास उत्पन्न हुआ. हालाँकि हैंडबॉल का समकालीन खेल 1917 में जर्मनी में बनाया गया था और तब से अब तक इसमें कई बदलाव आ गए हैं. पुरुषों के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय खेल 1925 में खेला गया जबकि महिलाओं के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय हैंडबॉल खेल 1930 में खेला गया.
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो गीता मलिक, डॉ सुरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो मयंक अरोड़ा, कोच शरीफ, दीपक मितल, ग्राउंड्समैन प्रताप मौजूद रहे.

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