Tuesday, May 26, 2026
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विद्या भारती माॅडर्न स्कूल की छात्राओं द्वारा किया गया ध्वजारोहण।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at August 15, 2023 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 15 अगस्त 2023ः- विद्या भारती माॅडर्न स्कूल, खादी आश्रम, पानीपत के तत्वावधान में देश का 77वां स्वतन्त्रता दिवस खादी आश्रम, जी. टी. रोड, पानीपत में बड़ी धूमधाम एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल की छात्राओं द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल का स्टाफ, विद्यार्थी, खादी एवं रचनात्मक संस्थाओं के अनेक कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी उपस्थित थे।
 विद्या भारती मॉडर्न स्कूल, पानीपत की डायरेक्टर एवं भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र, पानीपत की मन्त्री तथा खादी आश्रम पानीपत एवं पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्षा निर्मल दत्त ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि बहुत लम्बे संघर्ष के बाद देशभक्तों के बलिदान और त्याग के कारण ही हमें यह स्वतंत्रता मिली है जिसके कारण हम आज खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं। जिन आदर्शों एवं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए देशभक्तों ने अपनी शहादत दी थी उसे व्यर्थ न जाने दें। इस दिन की याद आते ही उन शहीदों के प्रति श्रद्धा से मस्तक अपने आप ही झुक जाता है। इसलिए हमारा पुनीत कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करें। हम ऐसा कार्य करें जिससे हमारे देश का नाम विश्व में रोशन हो। हम देश की प्रगति के बाधक न बन कर साधक बनें। भारत के नागरिक होने के नाते स्वतंत्रता का न तो स्वयं दुरूपयोग करें और न ही दूसरों को करने दें।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे राष्ट्रीय झण्डे में जो केसरिया रंग है वह देश की आजादी में शहीद हुए वीरों की वीरता का प्रतीक है, सफेद रंग सत्य का एवं अनेकता में एकता का प्रतीक है, हरा रंग हरियाली एवं स्मृद्धि का प्रतीक है तथा राष्ट्रीय झण्डे में बना अशोक चक्र धर्म एवं निरंतर प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि संविधान के अनुसार हमें बहुत अधिकार मिले हैं परंतु उसके साथ-2 हमारे कर्तव्यों का भी निर्धारण किया गया है जिसके प्रति हमेें सचेत व जागरूक रहना है। जिन सिद्धांतों और आदर्शों के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की स्वतन्त्रता के लिए संघर्ष किया उन सिद्धांतों और आदर्शों के अनुसार हमने नये भारत का निर्माण करना है।
इसके पश्चात निर्मल दत्त ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता, एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन अर्पित करने तथा अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने की प्रतिज्ञा भी दिलवाई।

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