एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एनएसएस यूनिट्स द्वारा एनएसएस स्थापना दिवस के अवसर पर मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन
– कॉलेज एनएसएस, रोटरी क्लब पानीपत रेनबो और रेडक्रॉस ब्लड बैंक पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में 104 यूनिट्स खून एकत्रित
– खून की कोई जाती धर्म नहीं होती, यह समाज सेवा करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है: डॉ राकेश गर्ग एनएसएस ऑफिसर
BOL PANIPAT , 21 सितम्बर.
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एनएसएस यूनिट्स, रोटरी क्लब पानीपत रेनबो और जिला रेडक्रॉस ब्लड बैंक पानीपत के संयुक्त तत्वाधान में एनएसएस स्थापना दिवस के अवसर पर मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमे कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और 104 यूनिट रक्त का दान किया. इसके साथ-साथ आँखों की जांच के शिविर का आयोजन भी किया गया जिसमे विद्यार्थियों की आँखों की जांच की गई. रक्दान शिविर की विधिवत शुरुआत शिविर के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी पवन बंसल (कुबेर ट्रेडिंग कंपनी) ने की. इस पवित्र अवसर पर रोटरी क्लब पानीपत रेनबो के प्रधान अमित भंडारी, प्रोजेक्ट निदेशक रमेश गुप्ता एवं कमल सिंगला, प्रोजेक्ट चेयरमैन तनुज भाटिया एवं रोहित गुप्ता और सचिव सचिन गर्ग, रेड क्रॉस ब्लड बैंक से डॉ पूजा सिंघल और अन्य मेडिकल अधिकारीयों ने रक्त को एकत्रित करने का दायित्व संभाला और रक्तदाताओं का हौंसला बढाया. माननीय मेहमानों का स्वागत कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने किया. विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज विगत कई वर्षों से रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन करता आ रहा है और इस एकत्रित रक्त का इस्तेमाल, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों तथा दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को बचाने के लिए किया जायेगा. मेगा-रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले छात्र-छात्राओं को रिफ्रेशमेंटस, गिफ्ट्स, सेल्फी मग और प्रमाण पत्र वितरित किये गए. मंच संचालन डॉ संतोष कुमारी ने किया.
रोटरी क्लब पानीपत रेनबो ने आज आयोजित मेगा ब्लड डोनेशन कैंप में रोटेरियन स्वर्गीय बिपिन बोगरा को याद किया जिन्होनें रोटरी क्लब पानीपत रेनबो की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया और क्लब से वे अपने अंतिम समय तक जुड़े रहे.
पवन बंसल उद्योगपति (कुबेर ट्रेडिंग कंपनी) एवं समाजसेवी ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक वयस्क पुरुष एवं स्त्री में पांच से छः लीटर तक रक्त होता है और कोई भी व्यक्ति हर तीन महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है. उन्होनें कहा कि 450 मिली रक्त से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है. भारत में प्रत्येक दो सेकंड में किसी न किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता होती है परन्तु दु:खद पहलु यह है कि भारत में रक्तदान योग्य व्यक्तियों में से सिर्फ चार प्रतिशत लोग ही रक्तदान करते हैं. उन्होनें इस कैंप में रक्तदान करने वाले हर युवा की प्रशंसा की और कहा कि रक्तदान करने के बाद किसी का जीवन बचने से हममें आत्मसंतोष की दैवीय भावना उत्पन्न होती है. मानव जीवन की रक्षा हेतू रक्तदान परमात्मा की सर्वोत्तम अराधना है.
अनुपम अरोड़ा ने कहा कि रक्त हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है. रक्त का विकल्प केवल और केवल रक्त ही है. बढती दुर्घटनाओं के मद्देनजर आज रक्त की मांग में काफी वृद्धि हुई है. हस्पताल भी रक्त के बगैर कुछ नहीं कर सकते है. रक्तदान करके हम चिकित्सकों के काम में काफी मदद कर सकते है. उन्होनें कहा कि रक्तदान के हमारे शरीर को कई फायदे भी होते हैं. जब हम रक्तदान करते हैं तो हमारे खुद के शरीर में कैंसर जैसी कई बीमारियों के खतरे कम हो जाते है. रक्तदान से लिवर और पाचन ग्रंथि भी तंदुरस्त रहती है और दिल का स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है. रक्तदान से लाखों जानें बच सकती हैं और रक्त उपलब्ध रहे तो किसी का भी जीवन बचाया जा सकता है. रक्तदान करने से नयी रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में वृद्धि होती है. नियमित रक्तदान करने वाला व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर सहजता से रक्त पा भी सकता है. उन्होनें कहा कि रक्तदान के मिथकों और भ्रांतियों को तोड़ कर ही हम रक्तदान करने के भय से मुक्त हो सकते है.
डॉ राकेश गर्ग एनएसएस अधिकारी जिन्होनें खुद भी रक्तदान किया ने कहा कि रक्तदानको लेकर आज भी लोगों के मन में कई सारी गलत धारणाएं मौजूद हैं. परन्तु इसके फायदों के बारे में आज भी सही बातें हमें पता ही नहीं है. नियमित रक्तदान वजन घटाने में हमारी मदद करता है, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, हृदय रोग के खतरे को कम करता है, कैंसर की संभावना को घटाता है और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में भी अत्यधिक मददगार साबित होता है. खून की कोई जाती धर्म नहीं होती और यह समाज सेवा करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है. ब्लड डोनेशन कैंप को आयोजित करने का मूल उद्देश्य सामान्य जन में असामान्य दैवीय भावों को उत्पन्न करना है. रक्तदान शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राएं खुद को देश और समाज से जुड़ा हुआ महसूस करते है. इसके साथ-साथ उनके द्वारा दिया गया रक्त किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की जान बचाने में तथा किसी बीमार की मदद में सहायक सिद्ध होता है. मानवता से भरे इस नेक कार्य जैसा पुनीत कार्य अन्यत्र कोई नहीं है.
रक्तदान शिविर में डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, प्रो मनोज कुमार, प्रो पवन कुमार, दीपक मित्तल तथा अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे.

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