Monday, June 1, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के सात दिवसीय विशेष एनएसएस कैंप का विधिवत समापन  

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at March 20, 2026 Tags: , , , , ,

कैंप का थीम: युवाओं के लिए मेरा भारत और डिजिटल साक्षरता      

व्यक्तित्व निखार और जन कल्याण के भाव का विकास एनएसएस का मुख्य ध्येय: डॉ आनंद कुमार, समन्वयक एनएसएस केयूके

देश और समाज हित से बड़ा और पुनीत कार्य कोई नहीं है: डॉ अनुपम अरोड़ा   

BOL PANIPAT , 20 मार्च. एसडी पीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के 14 से 20 मार्च तक चलने वाले सात दिवसीय विशेष एनएसएस कैंप का विधिवत समापन हो गया । कैंप के समापन समारोह के मुख्य अतिथि और वक्ता डॉ आनंद कुमार एनएसएस समन्वयक एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र रहे जिन्होनें एनएसएस स्वयंसेवकों को सर्टिफिकेट्स और ईनाम से सम्मानित किया । माननीय मेहमान का स्वागत डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने पुष्प-रोपित गमले और शाल भेंट कर किया । कैंप में कॉलेज के 112 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया और सात दिनों में वित्तीय स्वतंत्रता, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, जल संरक्षण, प्रदूषण और पर्यावरण संतुलन, कन्या भ्रूण हत्या, स्वच्छता, लैंगिक समानता, साक्षरता, परिवार कल्याण और पोषण, महिलाओं की स्थिति और सुधार के उपाय, आपदा राहत तथा पुनर्वास, समाज में व्याप्त बुराईयाँ, डिजिटल भारत, फर्स्ट ऐड, आर्ट ऑफ़ लिविंग, कौशल भारत, योग जैसे विषयों पर अपने ज्ञान में वृद्धि की । एनएसएस प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करने के लिए प्रमुख समाज सेवी और विषयो के पारंगत विद्वान ने इस कैंप में शिरकत की । सात दिवसीय कैंप में छात्रों में सरबजीत सिंह एवं अंशुल जांगड़ा और छात्राओं में नैंसी एवं पूजा को सर्वश्रेष्ठ एनएसएस स्वयंसेवक के सम्मान से नवाजा गया ।    

डॉ आनंद कुमार प्रोग्राम एनएसएस समन्वयक कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र ने अपने वक्तव्य में सात दिवसीय कैंप की रूपरेखा और लक्ष्यों पर ख़ुशी का इजहार किया । एनएसएस की परिकल्पना, स्थापना और उद्देश्यों के बारे में बोलते हुए उन्होनें कहा कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) 1969 में 37 विश्वविधालयों में शुरू की गई थी जिसमें 40 हज़ार छात्र-छात्राओं को सम्मिलित किया गया था । इस योजना के अंतर्गत सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व के विकास पर प्राथमिक ध्यान दिया जाता है जिसमे जन कल्याण का भाव भी निहित होता है । वर्तमान में देशभर में 35 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं एनएसएस से जुड़े हुए हैं । इस योजना की शुरुआत से ही इससे जुड़े उच्च शिक्षा के विश्वविद्यालय, कॉलेज और संस्थानों को इसकी गतिविधियों से सीधे लाभ हुआ है । एनएसएस लेने के बाद प्रत्येक एनएसएस स्वयंसेवी को हर वर्ष कम से कम 120 घंटे की सेवा करना अनिवार्य होता है । यह कार्य एनएसएस शाखाओं द्वारा अपनाए गए गांवों, झोपड़ियों, स्कूल या कॉलेज परिसरों में किया जाता है । आमतौर पर अध्ययन के घंटों के बाद इसे सप्ताहांत या छुट्टियों के दौरान किया जाता है । इसके अलावा प्रत्येक एनएसएस इकाई स्थानीय समुदायों को शामिल करके कुछ विशेष परियोजनाओं के साथ अपनाए गए गांवों या शहरी झुग्गियों में सात दिनों की अवधि के विशेष शिविरों का आयोजन भी करती है । 

कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि एनएसएस की गतिविधियों में भाग लेना और समाज के लिए कार्य करना वाकई में हमारे व्यक्तित्व के विकास में सहायक सिद्ध होता है । उन्होनें उम्मीद जताई की सभी एनएसएस कार्यकर्तायों ने इस कैंप का भरपूर लाभ उठाया है और समाज में अपने लिए एक नई पहचान स्थापित की है ।

डॉ अनुपम अरोड़ा ने सामूहिक जीवन और टीम वर्क के महत्व को समझाते हुए कहा कि इन कैम्पों के जरिये सीखी गयी बातें और शिक्षा जीवन पर्यन्त काम आती हैं टीम वर्क से हममें रचनात्मकता आती है और इससे हम सीखने को प्रोत्साहित होते है टीम वर्क हमें पूरक शक्तियां भी प्रदान करता है तनाव को कम करना, प्रदर्शन में सुधार और हमारी दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि इसके अन्य फायदे है देश और समाज हित से बड़ा कोई कार्य नहीं है और ऐसे ही गुण हमें अपने महापुरुषों के जीवन से ग्रहण करने चाहिए  

डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य युवाओं को समाजसेवा और देश सेवा के लिए तैयार करना और समाज के निर्माण एवं प्रगति में उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना है । आज एनएसएस के तहत बहुत अच्छे-अच्छे कार्य किए जा रहे हैं और इसका समाज को तो लाभ होता ही है बल्कि इससे युवाओं के व्यक्तित्व में भी निखार आता है । एनएसएस स्वयंसेवी युवा हैं और वे समाज के सबसे गतिशील वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं । ऐसे में उनकी उर्जा और दक्षता का उचित इस्तेमाल करने की आवश्यकता है । यही कार्य ऐसे कैंपो के आयोजन के माध्यम से किया जाता है । एनएसएस सरकार द्वारा शुरू की गयी एक शानदार और वैचारिक रूप से प्रेरित करने वाली योजना है । दुनिया भर में युवाओं को इतना बड़ा कार्यक्षेत्र और कहीं नहीं मिलता है । उन्होनें कहा कि यदि सभी सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संस्थानों में एनएसएस को अनिवार्य बना दिया जाए और इसे पाठ्यक्रम के भाग के रूप में एकीकृत कर दिया जाए तो इसके जो फायदे हमें मिलेगे उन्हें हम सपने में भी नहीं सोच सकते है । 

प्रोग्राम ऑफिसर डॉ संतोष कुमारी ने कहा की राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रों को समुदाय को समझने का अवसर प्रदान करता है । इनको समझने के बाद ही छात्र समाज की जरूरतों और समस्याओं को हल कर सकते है । एनएसएस छात्रों को व्यक्तियों और बड़े पैमाने पर समुदाय के सामने आने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराता है । एनएसएस समाज सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास के समग्र उद्देश्य के साथ युवाओं की सामाजिक चेतना जागृत करता है । एनएसएस छात्रों को सामाजिक सेवा एवं राष्ट्रीय विकास के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए और समुदाय की मदद करने के लिए सक्षम बनाता है । इस सात दिवसीय शिविर प्रोग्राम ने सभी कार्यकर्ताओं के जीवन में सफलता लाई है ऐसा उन्हें पूर्ण विश्वास है ।  

इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, प्रो मनोज, दीपक मित्तल आदि मौजूद रहे । 

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