शहर की जाम से मुक्ति, आवारा पशुओं पर नकेल कसना हमारी प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया
-सुशासन को ज़मीन पर उतारने की जरूरत, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों से बोले उपायुक्त डॉ. दहिया
-पानीपत को जाम-मुक्त और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में होगा बड़ा प्रशासनिक एक्शन
-मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने विभिन्न विभागों की कार्यशैली का लिया जायजा
BOL PANIPAT , 23 दिसंबर। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी के 7 चयनित सदस्यों ने मंगलवार को जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया से शिष्टाचार भेंट की। इस दौर मे मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने न केवल जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं को जाना, बल्कि विभिन्न विभागों में चल रही सरकारी योजनाओं, उनके क्रियान्वयन और अधिकारियों की कार्यशैली का भी गहन अवलोकन किया। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने विभिन्न विभागों का दौरा कर यह समझने का प्रयास किया कि योजनाएं किस प्रकार ज़मीन पर लागू की जा रही हैं और जनता को इनका कितना लाभ मिल रहा है।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुशासन केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे ज़मीन पर दिखाई देना चाहिए। इसके लिए प्रशासन, अधिकारी और फील्ड में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को एक माइंड-सेट के साथ काम करने की जरूरत है। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि जिले की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना और शहर को जाम-मुक्त बनाना शामिल है। इस दिशा में एक कट पहले ही खुलवाया जा चुका है और एक अन्य कट को खुलवाने की प्रक्रिया भी चल रही है। डॉ. दहिया ने बताया कि सडक़ों के चौड़ा करने का कार्य कराया जा रहा है, ताकि भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सके। इसके साथ ही ऑटो रिक्शा के लिए अलग लाइन बनाने का प्रावधान किया जा रहा है तथा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के शहर में प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लागू की जाएगी। आवारा पशु, बिजलीपानी और सडक़ों पर विशेष फोकस है।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में उपायुक्त ने बताया कि शहर में आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या, बिजली व पानी की सुचारू आपूर्ति, सडक़ों की मरम्मत, तथा शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और इन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति अभियान को लेकर भी जिला प्रशासन गंभीर है और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी की भूमिका को लेकर उपायुक्त ने कहा कि ये सहयोगी सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। इनकी जिम्मेदारी है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति को समझें, फील्ड में जाकर समस्याओं की पहचान करें और प्रशासन को फीडबैक दें, ताकि योजनाओं में सुधार किया जा सके। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने विभिन्न विभागों का दौरा कर विभागीय कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद कर यह जाना कि योजनाएं किस प्रकार लागू की जा रही हैं। दौरे के दौरान अधिकांश विभागों की कार्यशैली को संतोषजनक और सकारात्मक बताया गया।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों ने कहा कि फील्ड स्तर पर अधिकारी मेहनत से काम कर रहे हैं और आने वाले समय में यदि इसी गति से कार्य किया गया तो योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। अच्छे परिणाम पाने के लिए सिस्टम को और मजबूत करना होगा तथा हर विभाग में कार्य करने वाले लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी मेहनती है और यदि अधिकारी तेज गति से कार्य करें, तो सरकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं निगम आयुक्त डॉ. पंकज, एसडीएम मनदीप कुमार, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, प्रोग्राम टीम से यामनीष सिंह, लर्निंग टीम लीडर अभिषेक तथा मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी निधि मेहरा, संदीप कुमार, प्रखर, प्रतीक्षा, सारिका, अदिति और महिमा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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