Friday, April 17, 2026
Newspaper and Magzine


अपना मालिकाना हक पाने के लिए 10 फरवरी को विधायक महिपाल से मिलेंगे गैलेक्सी कोर्ट  के दुकानदार:-स्वामी

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at February 9, 2024 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT ( 9 फरवरी ) अंसल एपीआई में स्थित गैलेक्सी कोर्ट के दुकानदार अपना मालिकाना हक पाने के लिए गैलेक्सी कोर्ट मार्केट सोसाइटी और जान आवाज सोसाइटी के नेतृत्व में 10 जनवरी शनिवार को सुबह 9 बजे ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा से उनके एलडीको स्थित आवास पर अपनी दुकानों की कंप्लीशन जारी  करवाने की मांग करेंगे यह जानकारी जोगिंदर स्वामी पूर्व जिला पार्षद एवं प्रधान जन आवाज सोसाइटी ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में दी
    उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ का यूडीलैंड घोटाला करने वाले अंसल मालिक ,डीटीपी अधिकारी खुला घूम रहे हैं और अपने खून पसीने से खरीदी गई दुकान के मालिक पूरी पूंजी जमा करने के बाद भी आज तक दुकानों के मालिक नहीं बने उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़े दोषी डीटीपी अधिकारी है जिन्होंने एक साइट को कंप्लीट होने से पहले ही दूसरी जगह पर प्लानिंग करवा कर नक्शे जारी करते रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को न देखकर उल्टा मिली भगत करके करोड़ों रुपए के घोटाले को अंजाम दिया उन्होंने कहा कि अंसल एपीआई में हो रहे घोटालों की उनके द्वारा कई सालों से कंट्री एंड टाउन प्लानिंग विभाग निदेशालय चंडीगढ़ और जिला योजनाकार पानीपत को शिकायतें दी जाती रही लेकिन यह अधिकारी उनकी शिकायतों को अपनी कमाई का साधन बनाते रहे
       उन्होंने बताया कि अंसल एपीआई को दिवालिया घोषित करने से पहले सरकार को यह देखना चाहिए था कि इसके मालिकों पर कोई किसी प्रकार के चार्ज तो नहीं लगे हुए इनके द्वारा की गई प्लानिंग के अनुसार कहीं कोई खामियां तो नहीं है उसके बाद इसे दिवालिया क्या जाना था लेकिन इन अधिकारियों द्वारा हजारों करोड़ के घोटाले मे खुद जेल में जाने के डर के चलते आनन फानन में अंसल एपीआई को दिवालिया घोषित करवा दिया उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सरकार पूरी तरह से दोषी है क्योंकि लोगों द्वारा सरकार से लाइसेंस सुधा अप्रूव्ड जगह पर दुकान खरीदी थी और सरकार द्वारा ही अंसल एपीआई को दिवालिया घोषित किया जिसका खामियाजा आज यह दुकानदार भुगत रहे हैं
   उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार तत्काल प्रभाव से इस जगह की कंप्लीशन जारी करवा कर इनके ऊपर लटक रही सीलिंग की तलवार के भय से बचाया जाए

Comments