Wednesday, June 3, 2026
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सरकारी नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर पांच युवकों से 40 लाख रूपए की ठगी करने वाले गिरोह का आरोपी गिरफ्तार

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at December 13, 2023 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 13 दिसम्बर 2023, स्पेशल डिटेक्टिव युनिट पुलिस की टीम ने सरकारी नौकरी के फर्जी नियुक्ति पत्र देकर समालखा निवासी पांच युवकों से 40 लाख रूपए की ठगी करने के मामले में गिरोह के सरगना को दिल्ली रोहिणी से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सुरेंद्र मलिक निवासी रमेश नगर बवाना दिल्ली के रूप में हुई।

स्पेशल डिटेक्टिव युनिट इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि थाना समालखा में कालीरमना पाना निवासी नवीन रमन पुत्र दयाल सिंह ने शिकायत देकर बताया था गांव बांध निवासी उसके साले अमित को दिल्ली बवाना निवासी दंपति सुरेंद्र मलिक व ममता मलिक ने 13 लाख रूपए लेकर सीधा एफसीआई में असिस्टेंट क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाया था। दोस्त अजीत को साथ लेकर वह रिश्तेदार के एक प्रोग्राम में गया था वहा पर सुरेंद्र मलिक भी अपनी पत्नी के ममता मलिक के साथ आया हुआ था। तब उनकी दोनों से मुलाकात हो गई। सुरेंद्र व ममता कहने लगे कि अमित की तरह अन्य को भी सीधा सरकारी नौकरी लगवा देंगे। सुरेंद्र ने खुद को रोहिणी दिल्ली डीटीसी में चालक के रूप में सरकारी नौकरी पर बताया और ममता ने अपनी उपर तक साठ गाठ व जान पहचान होने बारे उन दोनों को बताया। वहा पर एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। एक सप्ताह बाद सुरेंद्र व ममता समालखा आए। अजीत को साथ लेकर वह दोनों से समालखा में दोस्त विशाल मल्होत्रा की दुकान पर मिला।
दोनों ने उसको एमएनसी कंपनी नेस्ले में एचआर के पद पर पक्का लगवाने के लिए 5 लाख व अजीत को दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में पीयन के पद पर पक्की सरकारी नौकरी लगवाने के 7.50लाख रूपए मांगे। 10 फरवरी 2021 को दोनों समालखा आकर उससे 2 लाख रूपए कैश व सारे दस्तावेज की फोटा कॉपी साइन करवा कर ले गए। 3 दिन बाद अजीत ने भी उनके खाते में 1 लाख रूपए डलवा दिए। दोनों 19 फरवरी 2021 को समलखा आए और अजीत से 3.50लाख रूपए कैश लेकर तीस हजारी कोट का कॉल लेटर दे दिया। 3 मार्च 2021 को मेडिकल फिटनेस लेटर देकर वेरिफिकेशन के नाम पर अजीत से 1.25लाख रूपए और खाते में डलवा लिए। उसने भी और 1.70लाख रूपए कैश दे दिए। इसके अतिरिक्त उससे 30 हजार व अजीत से 35 हजार रूपए गूगल पे पर डलवा लिए। 30 मार्च 2021 को दोनों ने अजीत को तीस हजारी कोर्ट का ज्वाइनिंग लेटर दिया और असली दस्तावेज के साथ 22 अप्रैल को ज्वाइनिंग करने के लिए कहा।
यह सब देखकर साथ खड़े दोस्त विशाल मल्होत्रा व विक्रम ने भी सरकारी नौकरी लगने की इच्छा जाहिर की। इसके कुछ दिन बाद दोनों फिर से समालखा आए और विशाल से दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में पीयन के पद पर लगवाने के 7.50लाख रूपए व विक्रम को एफसीआई हरियाणा में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाने के 9.50लाख रूपए मागे। सहमति होने पर विक्रम से 4.50लाख रूपए व विशाल से 5.50लाख रूपए व दस्तावेज की फोटा कॉपी साइन करवाकर ले गए। इसके 2 दिन बाद ममता मलिक ने उसको फोन पर बताया कि डायरेक्टर की बदली हो गई है इसकी वजह से उसकी ज्वाइनिंग जुलाई के अंत तक होगी।
दोनों ने विशाल से 13 अप्रैल 2021 को अपने ज्वाइंट खाते में और 4.25लाख रूपए डलवा लिए। 4 मई 2021 को समालखा आकर विक्रम से और 5 लाख रूपए कैश ले गए व विशाल से 5 मई को बचे 25 हजार रूपए और खाते में डलवा लिए। दंपति ने विशाल व विक्रम को पैसो की सेफ्टी दिलाने के लिए दिल्ली दरियापुर कला निवासी संगीता नाम की महिला के नाम से दो स्टांप पेपर बनवाकर दिए। मेडिकल के नाम पर विक्रम से और 4 लाख रूपए संगीता के खाते में डलवा लिए। विशाल से भी मेडिकल के नाम पर 1 लाख रूपए और ले लिए। इसके बाद ममता मलिक 29 जून 2021 को समालखा आकर ज्वाइनिंग लेटर देकर गई। 2 जुलाई 2021 को दिल्ली रोहणी कोर्ट में बुलाकर ममता ने उसको विक्रम का एफसीआई कंप्यूटर आपरेटर का मेडिकल देकर विक्रम को देने के लिए कहा। विश्वास करते हुए उन्होंने बचे हुए 1.20लाख रूपए भी खाते में जमा करवा दिए। इसके बाद ममता मलिक का फोन ना आने पर वह विशाल को साथ लेकर दिल्ली तीस हजारी कोट में गया और ज्वाइनिंग लेटर दिखाए। जहा पर उनको बताया गया यहा ऐसी कोई वेकेंसी नही निकली है। उक्त आईडी कार्ड व ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इसके बाद विक्रम का भी एफसीआई क्लर्क का लेटर चैक करवाया तो वह भी फर्जी निकला। उन्होंने ममता मलिक से बात की तो कहने लगी आप सब की ज्वाइनिंग जरूर होगी। इसी दौरान रिश्तेदार अमित को भी बगैर कोई नोटिस दिए एफसीआई में क्लर्क पद से हटा दिया गया।
उन्होंने दंपति सुरेंद्र मलिक व ममता मलिक के अपने पैसे वापिस मांगे तो दोनों ने थोड़ी थोड़ी राशि के 6 चैक उनको दिए जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। बाद में आरोपी पैसे देने में टाल मटोल करने लगे। आरोपियों ने सड़यत्र रचकर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे 40 लाख रूपए की ठगी कर ली। शिकायत पर थाना समालखा में नामजद दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओ के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।

स्पेशल डिटेक्टिव युनिट इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के आदेशानुसार मामले की जांच स्पेशल डिटेक्टिव युनिट कर रही थी। पुलिस टीम ने मंगलवार को मिली गुप्त सूचना पर दबिश देकर नामजद आरोपी सुरेंद्र मलिक को दिल्ली रोहणी से गिरफ्तार किया। प्रारंम्भिक पूछताछ में आरोपी ने पत्नी के साथ मिलकर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। पुलिस ने गहनता से पूछताछ करने व ठगी गई राशि बरामद करने के बुधवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर 1 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया।

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