Tuesday, April 21, 2026
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डिजिटल युग में जीआईएस बना विकास की नई दिशा

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at April 7, 2026 Tags: , , , , , ,

डी.बी.जी. कॉलेज में हुआ ज्ञानवर्धक सेमिनार

सुदूर संवेदन और जीआईएस तकनीक से बदलेगा भविष्य: विशेषज्ञों ने बताई संभावनाएं

भू-स्थानिक तकनीक पर जोर, विद्यार्थियों को मिला आधुनिक ज्ञान का संबल

देशबंधु गुप्ता कॉलेज में सेमिनार: जीआईएस और रिमोट सेंसिंग से मजबूत होंगे निर्णय तंत्र

BOL PANIPAT , 7 अप्रैल। देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में मंगलवार को भूगोल विभाग द्वारा भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) एवं सुदूर संवेदन विषय पर एक प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष जागलान के मार्गदर्शन में तथा विभागाध्यक्ष डॉ. शशीकांता की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. दिप्ती गाबा ने किया। सेमिनार में स्काईलाइन जिओ इन्फॉर्मेटिक्स के विशेषज्ञ राकेश चौहान एवं उनकी टीम ने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता करते हुए जीआईएस और सुदूर संवेदन तकनीक की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सेमिनार के मुख्य वक्ता राकेश चौहान ने कहा कि आज का युग डेटा और डिजिटल मैपिंग का युग है। जीआईएस केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि सटीक निर्णय लेने की आधारशिला बन चुका है। इसके माध्यम से कृषि, वानिकी, शहरी नियोजन, दूरसंचार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव संभव है। यह तकनीक न केवल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सहायक है, बल्कि भविष्य की रणनीतियों को भी सशक्त बनाती है। उन्होंने आगे कहा कि सुदूर संवेदन और जीआईएस के संयोजन से भू-स्थानिक आंकड़ों का विश्लेषण कर जटिल समस्याओं का समाधान सरलता से किया जा सकता है। विद्यार्थियों को इन आधुनिक तकनीकों में दक्ष होना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम कीअध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. शशीकांता ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास को नई दिशा देते हैं। जीआईएस जैसी उन्नत तकनीकें विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती हैं और उनके करियर के लिए नए द्वार खोलती हैं।

    महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष जागलान ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि भूगोल विभाग द्वारा किया गया यह प्रयास अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं और उन्हें आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। कॉलेज सदैव ऐसे नवाचारपूर्ण आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण सविता नैन, वीना कुमारी, शिवम धवन, मीनाक्षी, डॉ. दिप्ती गाबा, संजू बाला, तकदीर एवं लाजपत मलिक सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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