Tuesday, May 26, 2026
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विश्व रेडियो दिवस पर उपायुक्त ने दी लोगों को बधाई

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at February 13, 2023 Tags: , , , , ,

शांति निर्माण के लिए स्वतंत्र रेडियो आज भी सशक्त एवं महत्वपूर्ण माध्यम
सूचना प्रदान करने का सबसे शक्तिशाली और सस्ता माध्यम है रेडियो

BOL PANIPAT , 13 फरवरी। उपायुक्त सुशील सारवान ने विश्व रेडियो दिवस पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि कि आज का दिन खास तौर पर रेडियों के श्रोताओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह माध्यम आज भी दुनिया के तेज संचार के माध्यमों में से एक है। रेडियो का जादू हर दौर में छाया रहेगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। चाहे सरकारी कार्यक्रम हो या फिर क्षेत्र समाचार सभी को पहुंचाने में रेडियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि  रेडियो दिवस को मनाने का उद्देश्य युवाओं को रेडियो की आवश्यकता और उसके महत्व के प्रति जागरूक करना भी है। भले ही यह सदियों पुराना माध्यम माना जाता हो लेकिन संचार के लिए इसका इस्तेमाल आज भी बेखुबी हो रहा है। सूचना प्रदान करने के लिए सबसे शक्तिशाली और सस्ते माध्यम के तौर पर रेडियो का नाम आता है।
  उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि यह एक ऐसी सेवा है जो देश दुनिया में सूचना का आदान प्रदान करता है। आपात या आपातकालीन स्थिति में इस माध्यम का महत्व और भी बढ़ जाता है। जनता और मीडिया के बीच जागरूकता बढ़ाने और संघर्ष की रोकथाम और शांति निर्माण के लिए स्वतंत्र रेडियो सशक्त एवं महत्वपूर्ण माध्यम है।
  उपायुक्त सुशील सारवान ने रेडियो के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज रेडियो की अनूठी शक्ति को याद करने का भी दिन है जो दुनिया के हर कोने से लोगों को एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि रेडियों के इस माध्यम से आज भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं जिनके लिए पल -पल की जानकारी पाने का रेडियों ही एकमात्र जरिया है।
उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि एक जन माध्यम के रूप में रेडियो लगभग एक सदी से दुनिया में सार्वजनिक जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी रेडियों के साथ बहुत से श्रोता जुडे हैं। यह माध्यम एक प्रकार से लोगों की रीढ़ है। उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि देश दुनिया की नवीनतम जानकारियों उपलब्ध कराने का कार्य बखुबी करने वाले इस माध्यम की आज भी उतनी ही प्रासंगिता है जितनी की एक सदी पूर्व हुआ करती थी।

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