Saturday, April 18, 2026
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पराली प्रबंधन व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार का बड़ा कदम: उपायुक्त डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at January 15, 2026 Tags: , , , ,

-सरकार की पारदर्शी नीति,अनुदानित कृषि यंत्रों का पुन: भौतिक सत्यापन 20, 21 और 22 जनवरी को

-किसानों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता, आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान

-फसल अवशेष प्रबंधन योजना, किसान, खेती और पर्यावरण तीनों के लिए लाभकारी पहल


BOL PANIPAT , 15 जनवरी। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही फसल अवशेष प्रबंधन योजना किसानों और पर्यावरण दोनों के हित में एक दूरदर्शी पहल है। डॉ. दहिया ने कहा कि योजना का उद्देश्य पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान निकालना व किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों से जोडऩा तथा खेती को पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

  डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि  किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान कर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी किसान संसाधनों की कमी के कारण इस योजना से वंचित न रहे। जिन कृषि यंत्रों पर अनुदान राशि एक लाख रुपये से अधिक है, उनका पुन: भौतिक सत्यापन पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार किया जा रहा है, ताकि अनुदान की राशि सही लाभार्थियों तक पहुंचे।

    उपायुक्त ने बताया कि भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया ब्लॉक-वाइज निर्धारित स्थानों पर करवाई जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह   प्रक्रिया शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    उपायुक्त डॉ दहिया ने किसानों से आह्वान किया कि वे सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध आधुनिक यंत्रों का प्रयोग करें और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में सहभागी बनें। सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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