एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के नव सुसज्जित केंद्रीकृत वातानुकूलित अत्याधुनिक महाराजा अग्रसेन सभागार का भव्य लोकार्पण
रोशन लाल मित्तल संरक्षक श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी के करकमलों से हुआ सभागार का उदघाटन
बिना संस्कृति एवं धर्म के शिक्षा की सम्पूर्णता नहीं है: रोशन लाल मित्तल
महाराजा अग्रसेन सभागार सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रवाह के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा: रोशन लाल मित्तल
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में नवनिर्मित केंद्रीकृत वातानुकूलित महाराजा अग्रसेन सभागार का भव्य लोकार्पणमुख्य अतिथि रोशन लाल मित्तल संरक्षक श्रीएसडी एजुकेशन सोसाइटी के करकमलों से हुआ. उनके साथ अतिविशिष्ट उपस्थिति में अनूप कुमार प्रधान श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी, दिनेश कुमार सचिव श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी, पवन गर्ग चेयरमैन एसडी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस, सतीश चंद्र चेयरमैन एसडी विद्या मंदिर हुड्डा, फकीरचंद प्रधान एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विनोद कुमार गुप्ता चेयरमैन एमएएसडी पब्लिक स्कूल, रोहित गर्ग उप प्रधान श्री एसडी एजुकेशन सोसायटी, नरेश कुमार गोयल सचिव एसडी विद्या मंदिर हुड्डा, राम लाल सिंगला ऑडिटर एसडी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस, सूरज प्रकाश गुप्ता ऑडिटर एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कृष्ण अग्रवाल ऑडिटर एसडी विद्या मंदिर सिटी,नीरज कुमार ऑडिटर एमएएसडी स्कूल,राजीव गर्ग उपप्रधान एसडी विद्या मंदिर हुड्डा, आकाश गर्ग उपप्रधान एमएएसडी पब्लिक स्कूल, रमेश मित्तल,ईश्वर चंद, मुकेश बिंदल, अरुण जिंदल और विशाल गोयल कार्यक्रम में उपस्तित रहे. माननीय मेहमानों का स्वागत प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, उप प्रधान मनोज सिंगला, जनरल सेक्रेटरी तुलसी सिंगला औरकोषाध्यक्ष विकुल बिंदल ने पौधे रोपित गमले भेंट कर किया.इस सभागार से कॉलेज के छात्र-छात्राओं और शहर के रचनात्मक कलाकारों और आमजन को लाभ मिलेगा.मंच संचालन डॉ संतोष कुमारी ने किया.कार्यक्रम की शुरुआत प्रो नम्रता ने सरस्वती वंदना से की. तत्पश्चात सांस्कृतिक गतिविधियाँ और नृत्य पेश किये गए.

मुख्य अतिथि रोशन लाल मित्तल संरक्षक श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी ने कहा कि कालेज में इससभागार के होने से न सिर्फ छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा बल्कि पानीपत के आमजन और देश-विदेश से आने वाले कलाकारों और विद्वानोंको भी इसका पूरा फायदा मिलेगा. इस हाल के बन जाने के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों को विभिन्न गोष्ठियों, सेमिनारों और कार्यशालाओं समेत अन्य कार्यक्रमों के लिए पूरीसुविधा होगी. सामाजिकसंस्थाएंएवं जिला प्रशासन भी प्रबंधन की इजाजत से इस हाल का सकारात्मक एवं रचनात्मक इस्तेमाल कर सकेंगी.नवनिर्मित महाराजा अग्रसेन सभागार पूरी तरह से केंद्रीकृत वातानुकूलित है और इसके निर्माण टाइल्स लगाने केपश्चात लाल कारपेट बिछाया गया है. सभागार के बिलकुल सामने एक बड़ामंच बनाया गया है. फाल्ससीलिंग, मॉडर्नलाइट, प्रोजेक्टर, प्रोजेक्टर स्क्रीन एवंअत्याधुनिक फोल्डिंग कुर्सियाँसभागार की मुख्य विशेषता है.इस हाल के बन जाने से विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतरसुविधाहोगी. नये सभागार के निर्मित होनेसेपठन-पाठन का कार्य भी बाधित नहीं होगा, क्यूंकि सभागार पूरी तरह से साउंड प्रूफ एवं वातानुकूलित है.विद्यालय में पर्याप्त बड़ा और आरामदायक सभागार का होना बहुत जरूरी है. सभागार इतना बड़ा अवश्य होना चाहिए जिसमें छात्र-छात्राओं के एक बड़े समूह बैठक या सभा बुलाई जा सके. कॉलेज के विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुआ इस सभागार की क्षमता भी पर्याप्त है.हाल में एक मंच, साउंड सिस्टम की उत्तम व्यवस्था, एसी एवं पंखों और संचालन आदि की समुचित व्यवस्था है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने स्वागत भाषण में 21 जुलाई 1969 के सुनहरे दिन को याद करते हुए कहा की 1969 का यह दिन पूरी मानव जाति के लिए एक विशेष दिन था. इस दिन नील आर्मस्ट्रांग ने अपने दो अन्य साथियों के साथ पहली बार चाँद पर कदम रखते हुए कहा था कि बेशक यह इंसान के लिए एक छोटा कदम है परंतु पूरी मानव जाति के लिए यह एक बहुत बड़ी छलांग है. उस दिन के बाद इंसान ने अंतरिक्ष शोध और खोजोंमें कभीपीछे मुड़कर नहीं देखा. एसडी पीजी कॉलेज के इतिहास में भी सन 1969 का दिन बहुत महत्त्व रखता है क्यंकि इसी दिन कॉलेज में पहली बार कक्षाएं आयोजित हुई थी. आज वर्ष 2022में इस सुसज्जित, केंद्रीकृत वातानुकूलित और अत्याधुनिक सभागार का निर्माण इस बात का द्योतक है कि कैसे कॉलेज ने भी अपने इतिहास में कितनी बड़ी छलांग लगाई है और यह सबसंभव हुआ है श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी के मार्गदर्शन और इच्छाशक्ति के कारण. इस सभागार का नाम महाराजा अग्रसेन सभागार रखने के पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा की असली समाजवाद की स्थापना में महाराजा अग्रसेन का आज तक भी कोई सानी नहीं है. हर व्यक्ति के साथ हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए ये हम महाराजा अग्रसेन के जीवन और शिक्षाओं से सीख सकते है. निर्माणधीनप्रशासनिक खंड के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस खंड में माता सरस्वती और महाराजा अग्रसेन की मूर्ति स्थापित की जाएगी ताकि कॉलेज के छात्र-छात्राएं और आज का युवा वर्ग उनसे प्रेरणा ले सकें.

इस अवसर पर कॉलेज के समस्त टीचिंग और नॉन टीचिंग के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे.श्री एसडी एजुकेशन के संरक्षक रोशन लाल मित्तल और अन्य पदाधिकारियों ने डॉ संतोष कुमारी द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया.कार्यक्रम के समापन पर सभी को मिष्ठान खिलाया गया.

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