गुरु तेग बहादुर ने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए दी सर्वोच्च आहुति: उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया
-हिंद की चादर नाटक का 19 नवंबर को पानीपत में होगा मंचित
-गुरु तेग बहादुर की शहादत पर युवाओं में जगाई जाएगी देशभक्ति और मानवता की भावना
-व्यवस्थाओं की तैयारियों को लेकर प्रशासन हुआ सक्रिय, हर विभाग को मिली जिम्मेदारी
-सिविल अस्पताल के सामने लंगर व्यवस्था फिर होगी शुरू उपायुक्त देंगे एक दिन का लंगर
BOL PANIPAT , 10 नवंबर। स्थानीय आर्य महाविद्यालय के सभागार में आगामी 19 नवंबर को गुरु तेग बहादुर की स्मृति में हिंद की चादर नामक नाटक का भव्य मंचन किया जाएगा। यह आयोजन गुरु तेग बहादुर के बलिदान, त्याग और मानवता के प्रति समर्पण की भावना को समर्पित होगा। नाटक का मंचन डॉ. पब्लीन की नाट्य पार्टी द्वारा किया जाएगा, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में विभिन्न विभागों, अधिकारियों और सिख धर्म के संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।
उपायुक्त ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत केवल सिख इतिहास की नहीं बल्कि पूरे भारत की अमर गाथा है। उन्होंने अन्याय, अत्याचार और धार्मिक कट्टरता के विरुद्ध आवाज उठाई और मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश न्यौछावर किया। उपायुक्त ने बताया कि इस नाटक के माध्यम से युवाओं को गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, त्याग और सेवा की भावना को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शिक्षाएं आज भी समाज को एकता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर ले जाती हैं। बैठक में कार्यक्रम की सभी तैयारियों की जिम्मेदारियां विभागवार सौंपी गईं।
एसडीएम मनदीप कुमार को कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो संपूर्ण समन्वय देखेंगे। सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने कुछ अवैध अतिक्रमण से संबंधित मुद्दे भी उठाए, जिन पर उपायुक्त ने तुरंत संज्ञान लिया और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बैठक में यह भी घोषणा की कि सिविल अस्पताल के सामने पहले चलने वाली लंगर सेवा को पुन: शुरू किया जाएगा और उन्होंने स्वयं एक दिन का लंगर अपने निजी खर्चे से कराने की बात कही। उपायुक्त ने कहा कि यह आयोजन पानीपत में मानवता, एकता और बलिदान की भावना को पुन: जीवित करने का प्रतीक बनेगा और गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी, एसडीएम मनदीप कुमार, डीईओ राकेश बूरा, आर्य महाविद्यालय प्राचार्य जगदीश गुप्ता,सरदार मोहन जीत, सरदार चरण सिंह ,कुलवंत सहित सिख समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

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