सीपीआई की हरियाणा राज्य कौंसिल की मीटिंग सम्पन्न हुई.
BOL PANIPAT : 14 अगस्त आज स्थानीय भगत सिंह स्मारक सभागार में सीपीआई की हरियाणा राज्य कौंसिल की मीटिंग वरिष्ठ सीपीआई नेता कामरेड रुप सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। सीपीआई के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप ने राज्य में पार्टी गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की।
सीपीआई की राष्ट्रीय सचिव एवं ए आई टी यू सी की राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अमरजीत कौर ने वर्तमान हालात पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सीपीआई ने देश की आजादी के आंदोलन में भरपूर योगदान दिया। बहुत सारे कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं को अंग्रेज हकुमत के जुल्म सहन करने पडे़ और जेलों में रहना पडा़। कामरेड अमरजीत कौर ने कहा कि यह देश व देश की जनता का दुर्भाग्य है कि आजादी के आंदोलन में जिस विचारधारा ने अंग्रेज साम्राज्यवाद की मदद की आज उसी विचारधारा वाली आर एस एस, भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि यह सरकार देश मेहनतकश जनता के खून पसीने की कमाई से खडे़ किये सार्वजनिक क्षेत्र को बडे़ बडे़ कारपोरेट घरानों को कोडियों के भाव बेच रही है।
मीटिंग से पूर्व कामरेड अमरजीत कौर ने भगत सिंह स्मारक की छत पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और स्मारक के प्रांगण में स्थापित शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और राज्य कौंसिल के सदस्यों ने पुष्प अर्पित किये। बैठक में सर्वप्रथम आजादी आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में काटी गई वृद्धावस्था पैंशन बहाल करने, खेत मजदूरों को रिहायशी प्लाट देने, चार लेबर कोड रद्द करने, एम एस पी का कानून बनाने, अग्निपथ योजना को निरस्त करके सैना में स्थाई भर्ती करने, सरकारी कार्यालयों में खाली पडे़ पदों पर भर्ती करने आदि ज्वलंत समस्याओं को लेकर 15 सितम्बर को राज्य भर में उपायुक्त कार्यालयों पर धरना लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक में 14 से 18 अक्तुबर 2022 को विजयवाडा़ ( आंध्र प्रदेश) में होने वाले सीपीआई के महाधिवेशन के लिए संतोष सैनी, दरियाव सिंह कश्यप, धर्मपाल सिंह चौहान, सत्येन्द्र गिरि, तिलक राज विनायक एवं आर एन सिंह को प्रतिनीधि चुना गया। बैठक में जगरुप सिंह, सुखदेव सिंह जम्मू, एम सी बासिया, हरभजन सिंह संधु एंव , राम रतन एडवोकेट, नरेन्द्र बल्हारा एडवोकेट, तिलक राज विनायक एडवोकेट, पवन सैनी एडवोकेट, मनीराम, बीर सिंह लाठर, जिले सिंह पाल, अरुण कुमार एडवोकेट, नीलम संधु, जय सिंह धनखड़, जमशेद राणा आदि ने भी विचार व्यक्त किये।

Comments