“हिंद दी चादर” लाइट एंड साउंड शो का मंचन
नाटक के माध्यम से गुरु तेग बहादुर के बलिदान को दर्शाया
BOL PANIPAT , 9 अप्रैल। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शनिवार को स्थानीय शिवाजी स्टेडियम में “हिन्द दी चादर” लाईट एण्ड सांउण्ड शो का आयोजन किया गया। इस लाईट एण्ड सांउण्ड शो में पटियाला से आई कलाकारों की टीम ने हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के समन्वय के साथ स्थानीय शिवाजी स्टेडियम ने नाटक का मंचन किया। टीम में आये थियेटर के कलाकारों द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन के बारे मे प्रस्तुति आकर्षण का केन्द्र बनी।

उनके बलिदानों के बारे प्रस्तुत किया गया। टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया कि गुरु तेग बहादुर जी के पिता गुरु हरगोविंद साहिब सिखों के 6वें गुरु थे वे मुग़लों के साथ अपने धर्म की रक्षा के लिए लड़ाईया लड़ रहे थे उनके साथ बचपन में ही श्री गुरु तेग बहादुर जी ने भी अनेकों युद्धों में भाग लिया उस कारण से ही इनका नाम गुरु तेग बहादुर पड़ा। उसके बाद श्री गुरु तेग बहादुर जी भगवान भक्ति में लीन हो गये। इस बीच सिक्ख धर्म के 7वें श्री गुरु हरिराय जी व 8वें श्री गुरु हरिकृष्ण जी रहें। उनके बाद 9वें गुरु के रूप में श्री गुरु तेग बहादुर जी का नाम पड़ा। उस समय भी मुग़लों द्वारा हिन्दू व अन्य धर्मों पर जुल्म ढहाए जा रहे थे उनको मुग़लों द्वारा अनेकों तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा था उनको जबरन मुस्लिम धर्म अपनाया जा रहा था तब कुछ कश्मीरी पंडितो ने श्री गुरु तेग बहादुर जी को दुखड़ा सुनाया और हिन्दू धर्म की रक्षा करने के लिए प्रार्थना की।

कश्मीरी पण्डितों और हिन्दू धर्म के संगठनों के कहने पर उन्होंने मुग़लों के साथ युद्ध शुरू कर दिया और इस युद्ध में वे दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद हो गये। उस जगह पर आज शीशगंज गुरुद्वारा स्थापित है। पंजाब से आई लाईट एंड साउंड शो की टीम में नाटक मंचन के लेखक सरदार रवेंदर सोढ़ी, डायरेक्टर जोगा सिंह खेवा, औरंगजेब रोल में रेवन 30 व काज़ी हरीश खुराना आदि ने अपनी अपनी शानदार प्रस्तुति दी।

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